“20 लाख नहीं दिए तो काम नहीं मिलेगा! क्रेडा अध्यक्ष पर लगे गंभीर आरोप – पूरा मामला पढ़ें”
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण (क्रेडा) के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी एक बार फिर विवादों में हैं। उनके खिलाफ ठेकेदारों द्वारा तीन प्रतिशत कमीशन की मांग को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बताया जा रहा है कि 20 मई 2025 को वेंडरों के एक समूह ने गोपनीय रूप से एक संयुक्त शिकायत पत्र सरकार को सौंपा, जिसमें आरोप लगाया गया कि टेंडर स्वीकृति के बदले सवन्नी द्वारा उनके निजी सचिव के माध्यम से पैसे मांगे जा रहे हैं।
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि यदि कोई वेंडर इस अनौपचारिक मांग को मानने से इंकार करता है, तो उसे ब्लैकलिस्ट किए जाने की धमकी दी जाती है। इससे डरकर किसी भी ठेकेदार ने अपने या अपनी फर्म के नाम उजागर नहीं किए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से इस मामले की गोपनीय जांच कराने की मांग की है।
शिकायत की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश, छत्तीसगढ़ भाजपा अध्यक्ष किरण देव और प्रदेश संगठन मंत्री पवन साय को भी भेजी गई है।
गौरतलब है कि शिकायत में यह भी कहा गया है कि भूपेंद्र सवन्नी पूर्व में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष रहते हुए 132 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में भी शामिल रहे हैं, लेकिन उस मामले की जांच कभी नहीं हो सकी।
मुख्यमंत्री सचिवालय ने मामले को गंभीर मानते हुए ऊर्जा विभाग के सचिव को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया है। यह शिकायत और मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा भेजे गए पत्र की कॉपी अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
सोशल मीडिया पर जनता और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं देखी जा रही हैं, और लोग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।



