शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित महिला नक्सली ने किया आत्मसमर्पण
नक्सल उन्मूलन के लिए शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं और पुलिस की लगातार सक्रिय कार्यवाही का असर एक बार फिर सामने आया है। लंबे समय से नक्सल गतिविधियों में शामिल रही महिला नक्सली ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
इस महिला नक्सली पर शासन ने 8 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। आत्मसमर्पण के दौरान उसने स्वीकार किया कि पुलिस और प्रशासन की पहल से अब नक्सल विचारधारा कमजोर हो रही है और हिंसा के बजाय शांति व विकास की राह अपनाना ही उचित है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शासन की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अनेक सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। इसी नीति से प्रभावित होकर महिला नक्सली ने हिंसा छोड़ने का कदम उठाया है।
आत्मसमर्पण करने वाली महिला नक्सली को सुरक्षा और पुनर्वास योजना का लाभ दिया जाएगा। साथ ही उसे रोजगार और जीवन यापन के लिए आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वह समाज में सम्मानजनक जीवन जी सके।
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि यह आत्मसमर्पण इस बात का प्रतीक है कि शासन की नीतियां और पुलिस की सक्रियता नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने में सफल हो रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि और भी नक्सली हिंसा छोड़कर विकास की राह में शामिल होंगे।
