बालोद में सुपारी लेकर कार में आग लगाने वाली गैंग का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार
बालोद जिले में राज पार्टी के जिला अध्यक्ष एवं पत्रकार देवेन्द्र साहू की कार में आग लगाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सुपारी पर काम करने वाले पाँच आदतन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ है कि इस वारदात के पीछे बालोद जेल में निरुद्ध अश्वनी डडसेना और उसकी पत्नी की भूमिका संदिग्ध है। साथ ही ग्राम अंगारी के सरपंच सहित अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आने पर आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
घटना 01 दिसंबर की रात लगभग 9 बजे की है, जब बुढ़ापारा पाररास वार्ड नम्बर 20 निवासी देवेन्द्र साहू की कार CG 24 W 7166 को अज्ञात लोगों ने आग के हवाले कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना बालोद में अपराध क्रमांक 527/2025 दर्ज किया गया और पुलिस टीम ने तुरंत जांच शुरू की। CCTV एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की गहन तलाश शुरू की।
जांच के दौरान पकड़े गए आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। मुख्य आरोपी मोहम्मद फैजान ने बताया कि वह पहले बालोद जेल में बंद था, जहाँ उसकी मुलाकात अश्वनी डडसेना से हुई। डडसेना के अनुसार उसका देवेन्द्र साहू के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, जिसके चलते उसने फैजान को सुपारी देकर उन्हें जान से मारने को कहा। जेल से रिहा होने के बाद फैजान से डडसेना ने दोबारा संपर्क किया और हमला कर वीडियो भेजने का निर्देश दिया। इसके बाद रिंकू उर्फ श्यामू यादव ने फैजान को 7,000 रुपये एडवांस दिए और टीम को लोकेशन बताई गई।
घटना वाली रात आरोपी देवेन्द्र साहू के घर पहुंचे और उन्हें बाहर बुलाने की कोशिश की, लेकिन CCTV कैमरे देखकर हमले का प्लान बदल दिया। फैजान के कहने पर उन्होंने कार में पेट्रोल डालकर आग लगा दी और घटना की सूचना सीधे जेल में बैठे डडसेना को भेजी। डडसेना ने “काम हो गया” की पुष्टि कर रकम की व्यवस्था करने का भरोसा दिया और अपने परिवार का नाम न आने का निर्देश भी दिया।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और घटना के समय पहने गए कपड़े जब्त किए। संगठित अपराध की पुष्टि होने पर मामले में धारा 111 और 62(1) भी जोड़ी गई। सभी पाँचों आरोपियों को 06 दिसंबर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस की आगे की जांच अब सुपारी देने वालों और सह-आरोपियों की भूमिका पर केंद्रित है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना बालोद और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनकी सतर्कता से एक गंभीर वारदात का पर्दाफाश संभव हो सका। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों को रोका जा सके।
