दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की फुर्ती से बची वकील की जान, ITO चौराहे पर इंस्पेक्टर ने CPR देकर 2 मिनट में पहुंचाया अस्पताल
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। राजधानी के व्यस्त आईटीओ चौराहे पर ड्यूटी के दौरान ट्रैफिक इंस्पेक्टर गोपाल बैंसला और उनकी टीम ने समय रहते सीपीआर (CPR) देकर एक अधिवक्ता की जान बचा ली। उनकी त्वरित कार्रवाई के चलते मरीज को महज दो मिनट में अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उसकी जान सुरक्षित बच गई।
जानकारी के अनुसार, 27 जुलाई 2026 को सुबह करीब 11:55 बजे पटियाला हाउस कोर्ट के अधिवक्ता नवनीत कुमार मोटरसाइकिल से आईटीओ चौराहे से गुजर रहे थे। इसी दौरान भीषण गर्मी और उमस के बीच उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द हुआ और वे सड़क पर गिरकर बेहोश हो गए। मौके पर मौजूद ट्रैफिक इंस्पेक्टर गोपाल बैंसला ने बिना देर किए उनका हेलमेट हटाया और तत्काल कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) के साथ प्राथमिक उपचार देना शुरू कर दिया।
उस समय आईटीओ चौराहे पर भारी ट्रैफिक जाम था, जिससे एम्बुलेंस के समय पर पहुंचने की संभावना कम थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर ने एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय घायल अधिवक्ता को अपनी सरकारी पुलिस गाड़ी में बैठाया और ट्रैफिक के बीच रास्ता बनाते हुए मात्र दो मिनट में लोकनायक जयप्रकाश नारायण (LNJP) अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचा दिया।
डॉक्टरों ने बताया कि समय पर दिए गए सीपीआर और तुरंत अस्पताल पहुंचाने की वजह से मरीज की जान बचाई जा सकी। उपचार के बाद अधिवक्ता नवनीत कुमार की हालत अब पूरी तरह स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की इस त्वरित और मानवीय कार्रवाई की सोशल मीडिया पर भी व्यापक सराहना हो रही है। लोगों ने इसे पुलिस की संवेदनशीलता, पेशेवर दक्षता और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।
