देशभर में महिला पुलिसकर्मियों का दमदार प्रदर्शन, सुरक्षा से जनसेवा तक हर मोर्चे पर दिखी खाकी की शक्ति
नई दिल्ली। 14 अगस्त से 20 अगस्त 2026 के बीच देश के अलग-अलग राज्यों में महिला पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, साइबर जागरूकता और महिला एवं बाल सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। खास तौर पर 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा व्यवस्था से लेकर जनसेवा तक कई जिम्मेदारियां प्रभावी ढंग से संभालीं।
इन घटनाओं ने एक बार फिर साबित किया कि आज महिला पुलिसकर्मी केवल महिला संबंधी मामलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सुरक्षा, अपराध नियंत्रण, तकनीकी पुलिसिंग और नेतृत्व के हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
स्वतंत्रता दिवस पर सुरक्षा व्यवस्था में महिला पुलिस की अहम भूमिका
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान देश के कई हिस्सों में महिला पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली। विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर में महिला पुलिसकर्मियों ने बड़े समारोहों के दौरान भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा घेरा और वीआईपी सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों को पूरी मुस्तैदी से निभाया।
वहीं स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में उत्कृष्ट सेवा देने वाले पुलिसकर्मियों को विभिन्न पदकों और प्रशस्ति सम्मानों से सम्मानित किया गया। इनमें महिला पुलिस अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल रहीं, जिन्होंने अपने कर्तव्य, अनुशासन और उत्कृष्ट सेवा से विभाग का गौरव बढ़ाया।
उत्तर प्रदेश में महिला उपनिरीक्षक को सम्मान
आजमगढ़ में तैनात महिला उपनिरीक्षक पूनम विश्वकर्मा को उनके उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य के लिए 15 अगस्त को लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में सम्मानित किया गया। उनका सम्मान पुलिस सेवा में महिला अधिकारियों की बढ़ती जिम्मेदारी और योगदान को रेखांकित करता है।
धमतरी में 4 हजार विद्यार्थियों तक पहुंचा साइबर जागरूकता अभियान
छत्तीसगढ़ के धमतरी में महिला पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय के निर्देशन में 17 अगस्त को साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया।
अभियान के तहत पुलिस टीमों ने करीब 15 स्कूलों के लगभग 4,000 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के तरीके बताए। विद्यार्थियों को फर्जी कॉल, सोशल मीडिया फ्रॉड और अन्य साइबर अपराधों से सतर्क रहने की जानकारी दी गई।
इस पहल का उद्देश्य बच्चों और शिक्षकों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित व्यवहार के प्रति जागरूक बनाना और उन्हें साइबर अपराधियों के झांसे से बचाना था।
दिल्ली में महिला सुरक्षा के लिए ‘शिष्टाचार स्क्वॉड’ सक्रिय
दिल्ली में महिला पुलिस विंग और ‘शिष्टाचार स्क्वॉड’ ने भी महिला सुरक्षा को लेकर सक्रियता दिखाई। स्कूलों, कॉलेजों, मेट्रो स्टेशनों और पिंक बसों के आसपास विशेष गश्त कर सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा पर नजर रखी गई।
छेड़छाड़ और महिलाओं को परेशान करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के जरिए पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
पंजाब में 398 ‘महिला मित्र’ को विशेष प्रशिक्षण
पंजाब पुलिस ने महिला एवं बाल सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। 18 से 20 अगस्त 2026 के दौरान राज्य के 384 पुलिस थानों में जेंडर-सेंसिटाइजेशन और कम्युनिटी पुलिसिंग से जुड़ा प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
इस अभियान के समापन पर 398 पंजाब पुलिस ‘महिला मित्र’ कर्मियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि थाने पहुंचने वाली महिलाओं और बच्चों की शिकायतों को पुलिस संवेदनशीलता, सम्मान और प्रभावी तरीके से सुने तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराए।
स्कूल-कॉलेजों में महिला सुरक्षा की जानकारी
देश के विभिन्न हिस्सों में महिला पुलिस अधिकारियों ने स्कूलों और कॉलेजों में पहुंचकर छात्राओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा उपायों की जानकारी भी दी।
अभियानों के दौरान छात्राओं को POCSO कानून, महिला हेल्पलाइन, सुरक्षा ऐप्स और पुलिस से संपर्क करने के तरीकों के बारे में बताया गया। इसका उद्देश्य युवतियों को केवल सुरक्षा उपायों की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि किसी भी परेशानी की स्थिति में बिना डर के पुलिस की सहायता लेने के लिए आत्मविश्वास पैदा करना भी है।
हर मोर्चे पर महिला पुलिस की बढ़ती भूमिका
14 से 20 अगस्त के दौरान सामने आई इन पहलों से स्पष्ट है कि महिला पुलिसकर्मियों की भूमिका लगातार व्यापक हो रही है। वे जहां स्वतंत्रता दिवस जैसे बड़े राष्ट्रीय आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही हैं, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराध जागरूकता, महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण और कम्युनिटी पुलिसिंग में भी सक्रिय योगदान दे रही हैं।
महिला पुलिस की यह सक्रियता पुलिसिंग को अधिक संवेदनशील, आधुनिक और जन-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। खाकी की इस बदलती तस्वीर में महिला पुलिसकर्मी आज सुरक्षा के साथ-साथ समाज में भरोसे और जागरूकता की मजबूत कड़ी बनकर उभर रही हैं।
