छत्तीसगढ़ में सक्रिय हुआ मॉनसून: 10 से 16 जुलाई तक अधिकांश जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
रायपुर, 10 जुलाई | संवाददाता
छत्तीसगढ़ में मॉनसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। राज्य के सभी जिलों में 10 जुलाई से 16 जुलाई तक बारिश की गतिविधियों में तीव्रता आने की संभावना मौसम विभाग द्वारा जताई गई है। इस दौरान कहीं मध्यम तो कहीं भारी बारिश के साथ तेज हवाएं, गर्जना और वज्रपात की स्थिति बनने की चेतावनी दी गई है। नागरिकों और प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलावार मौसम का पूर्वानुमान
रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव
राजधानी रायपुर समेत दुर्ग और राजनांदगांव जिलों में 10 और 11 जुलाई को सुबह से ही भारी बारिश की संभावना है। 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे पेड़ों के गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका है। जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
बिलासपुर, कोरबा, मंगेली
इन जिलों में 10 से 12 जुलाई के बीच भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। कोरबा और मंगेली में वर्षा की तीव्रता अधिक हो सकती है जिससे निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर फिसलन की स्थिति बन सकती है।
जांजगीर-चांपा, बेमेतरा, बलौदाबाजार
इन जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा के आसार हैं। हालांकि कुछ क्षेत्रों में अचानक तेज बारिश के साथ आंधी आने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।
दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर
बस्तर क्षेत्र के इन जिलों में 12 और 13 जुलाई को तेज गर्जना, बिजली गिरने और मूसलधार बारिश की आशंका जताई गई है। इन क्षेत्रों में पहले से ही संवेदनशील इलाकों में प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
सरगुजा, कोरिया, जशपुर, कांकेर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
उत्तर छत्तीसगढ़ के इन जिलों में अगले सप्ताह बारिश की तीव्रता थोड़ी कम रहेगी, लेकिन बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में रुक-रुक कर वर्षा होती रहेगी।

संभावित प्रभाव व सावधानियां
मौसम विभाग के अनुसार इस सप्ताह के दौरान:
• कृषि गतिविधियों में बाधा आ सकती है। खेतों में अत्यधिक पानी भरने से खरीफ फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
• यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है, विशेषकर ग्रामीण सड़कों पर कीचड़ और जलजमाव से परेशानी बढ़ सकती है।
• स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, जैसे वायरल बुखार, स्किन एलर्जी और मलेरिया-डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
• बिजली गिरने की घटनाओं से बचाव हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और आमजनों को खुले मैदानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासनिक तैयारी और अपील
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा सभी जिलों के कलेक्टरों को आपदा राहत दल तैनात रखने, ड्रेनेज की सफाई सुनिश्चित करने और चिकित्सा दलों को अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर पर कंट्रोल रूम भी सक्रिय कर दिए गए हैं।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी करने तथा निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं।
10 से 16 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में मॉनसूनी बारिश अपने चरम पर रहने की संभावना है। यह राज्य के वन्य जीवन, कृषि और जलस्तर के लिए लाभकारी तो है, लेकिन इससे उत्पन्न जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। नागरिकों से अपील है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी की जा रही ताज़ा जानकारियों पर ध्यान दें और सुरक्षित रहें।
(अधिक जानकारी और अलर्ट के लिए भारतीय मौसम विभाग की वेबसाइट www.imd.gov.in या स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।)
