ईडी की छापेमारी: मोक्षित कॉर्पोरेशन से जुड़े प्रमुख व्यक्तियों के विभिन्न ठिकानों पर कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को मोक्षित कॉर्पोरेशन और उससे जुड़े अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। यह छापेमारी CGMSCL के 411 करोड़ रुपये के मेडिकल सप्लाई घोटाले से जुड़ी बताई जा रही है।

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में आर्थिक अनियमितताओं और घोटालों के मामलों को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में बुधवार को ईडी की टीम ने एक और अहम छापेमारी को अंजाम दिया। यह कार्रवाई मोक्षित कॉर्पोरेशन और इससे जुड़े कुछ प्रमुख लोगों के परिसरों पर की गई, जो कि राज्य के मेडिकल सप्लाई घोटाले से संबंधित है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, टीम ने रायपुर के भाटागांव इलाके में स्थित कमलकांत पाटनवार (तकनीकी महाप्रबंधक) के निवास पर तलाशी ली। यह छापेमारी छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSCL) में हुए 411 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से संबंधित है, जिसने दवा व चिकित्सा उपकरण आपूर्तिकर्ताओं के बीच खलबली मचा दी है।

गौरतलब है कि इस घोटाले में पांच अधिकारियों—वसंत कौशिक, डॉ. अनिल परसाई, शिरौंद्र रावटिया, कमलकांत पाटनवार और दीपक बांधे—के नाम जांच में सामने आ चुके हैं। इससे पहले इन सभी को ईओडब्ल्यू द्वारा पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया था।

बताया जाता है कि वर्ष 2023 में हुए इस मामले में भारी भरकम दामों पर दवाइयां और मेडिकल उपकरण खरीदे गए थे, जिनमें मोक्षित कॉर्पोरेशन की सक्रिय भागीदारी पाई गई थी। आरोप है कि अनुबंध होने के बाद इन अधिकारियों और कंपनी ने मिलकर करीब 500 करोड़ रुपये की खरीद प्रक्रिया में घोर अनियमितताएं कीं।

अब एक बार फिर इस घोटाले को लेकर जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गई है और संबंधित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

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