बीजापुर में बड़ी सफलता: पुनर्वास नीति के तहत 1.19 करोड़ के इनामी 41 नक्सली आत्मसमर्पण
बीजापुर पुलिस को नक्सल उन्मूलन अभियान में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। शासन की पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति ‘पूना मारगेम’ के प्रभाव और पुलिस की निरंतर बढ़ती सक्रियता के चलते क्षेत्र में सक्रिय 1.19 करोड़ रुपये के इनामी 41 नक्सलियों ने हिंसा का मार्ग छोड़ने का निर्णय लिया। यह कदम जिले में शांति बहाली की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे जनजागरण, भरोसा बहाली और संवेदनशील संपर्क अभियानों के कारण नक्सलियों में मुख्यधारा में लौटने की इच्छा बढ़ी है। आत्मसमर्पण करने वालों में कई ऐसे सदस्य शामिल हैं जो लंबे समय से संगठन में सक्रिय थे और जिन पर विभिन्न गंभीर आरोप दर्ज थे।

आत्मसमर्पण के दौरान इन नक्सलियों ने बताया कि वे लगातार बढ़ते दबाव, जंगलों में कठिन जीवन और भटके हुए रास्तों से बाहर निकलकर एक सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन जीने की इच्छा रखते थे। शासन की पुनर्वास नीतियों और सुरक्षा की गारंटी ने भी उन्हें हिंसा छोड़ने के लिए प्रेरित किया।
पुलिस प्रशासन ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को शासन की गाइडलाइन के अनुसार पुनर्वास लाभ, आर्थिक सहायता और पुनर्स्थापना सहयोग प्रदान किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस सामूहिक आत्मसमर्पण से क्षेत्र में नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका लगेगा और आम जनता में सुरक्षा का विश्वास और मजबूत होगा।
बीजापुर जिला प्रशासन और पुलिस ने इसे नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन बताते हुए कहा कि आगे भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे, ताकि गुमराह युवा हिंसा छोड़कर विकास और शांति के रास्ते से जुड़ सकें।
