शिवानी खदान में कॉपर केबल चोरी का खुलासा: भटगांव पुलिस ने 5 आरोपी गिरफ्तार, 1 लाख का माल बरामद
सूरजपुर जिले के भटगांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने शिवानी भूमिगत खदान में हुई कॉपर केबल चोरी की वारदात का पर्दाफाश करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। चोरी के इस संगठित नेटवर्क से करीब 1 लाख रुपये मूल्य का सामान बरामद किया गया है। पुलिस ने आरोपियों की कार्यप्रणाली और घटना को अंजाम देने के तरीके सामने आने के बाद प्रकरण में संगठित अपराध की अलग धारा भी जोड़ दी है।

मामला तब प्रकाश में आया जब शिवानी खदान के वरिष्ठ सुरक्षा प्रहरी रामपाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 26 अक्टूबर की रात से 27 अक्टूबर की सुबह के बीच दो संदिग्ध व्यक्ति खदान परिसर में वर्कशॉप के पास दिखे। आवाज देने पर दोनों भागने लगे, जिनमें से एक को पकड़ने के प्रयास में कुलदीप राजवाड़े के हाथ में चोट भी लग गई। बाद में वर्कशॉप पहुंचने पर पाया गया कि कॉपर का केबल वायर और पुराना लोहे का सामान चोरी हो चुका है। शिकायत के आधार पर थाना भटगांव में अपराध क्रमांक 147/25 धारा 305(3), 331(4), 112(2), 3(5) बीएनएस दर्ज किया गया।
एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर भटगांव पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए मुखबिरों को लगाया और संदिग्धों पर नजर रखी। इसी दौरान संदेही कमरान कुरैशी उर्फ राजा, संतोष सिंह उर्फ गुड मॉर्निंग, राकेश रजक उर्फ खरखट, जितेंद्र रजक उर्फ लाला और नरेंद्र सिंह उर्फ पंडा को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में सभी ने मिलकर शिवानी खदान से कॉपर केबल चोरी करने की बात स्वीकार की। चोरी का सामान वे कमलापुर के नर्सरी क्षेत्र में आरी ब्लेड से तांबा निकालने में लगे थे, लेकिन विश्रामपुर पुलिस को देखते ही वहां से भाग निकले। उक्त सामान को थाना विश्रामपुर ने इस्तगासा क्रमांक 03/25 धारा 106 बीएनएस में पहले ही जप्त किया था।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 25 मीटर कॉपर केबल और पुराना लोहे का सामान बरामद किया जिसकी कुल कीमत लगभग 1 लाख रुपये है। चूंकि आरोपियों ने संगठित होकर चोरी को अंजाम दिया था, इसलिए मामले में धारा 112(2) बीएनएस अतिरिक्त रूप से जोड़ी गई। पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य फरार साथियों की तलाश जारी है।
पूरे अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो, डीएसपी रितेश चौधरी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सरफराज फिरदौसी, एएसआई राजकिशोर खलखो, प्रधान आरक्षक संजय, सुशील मिश्रा, आरक्षक दिनेश ठाकुर, रजनीश पटेल, श्याम सिंह, विनोद सिंह, राधेश्याम, गौरत, मैडी और विष्णुदत्त की सक्रिय भूमिका रही।
