महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस का मास्टर स्ट्रोक, भिलाई में महिला कमांडो संभालेंगी रात की गश्त
भिलाई में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने एक नई और प्रभावी पहल शुरू की है। अब महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी महिला कमांडो के हाथों सौंपी जा रही है, जो रात के समय मोहल्लों में गश्त कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगी।

इस अभिनव प्रयोग की शुरुआत खुर्सीपार और पुलगांव थाना क्षेत्र से की गई है। यहां महिला कमांडो देर रात मोहल्लों, चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों में सक्रिय रूप से गश्त कर रही हैं। गश्त के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है और नशे की हालत या किसी भी तरह की असामाजिक गतिविधि पाए जाने पर तत्काल संबंधित थाना प्रभारी को सूचना दी जा रही है, जिसके बाद पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि मोहल्लों में महिला कमांडो की मौजूदगी से असामाजिक तत्वों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनेगा और रात्रिकालीन अपराधों में उल्लेखनीय कमी आएगी। इसे अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से प्रत्येक थाना क्षेत्र में महिला कमांडो दल का गठन किया जाएगा। पुलिस का आकलन है कि यदि रात के अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो जाता है, तो संबंधित थाना क्षेत्र में कुल अपराधों में लगभग 50 प्रतिशत तक की कमी संभव है।
पुलिस की योजना के अनुसार हर थाना क्षेत्र से कम से कम 150 महिलाओं को महिला कमांडो के रूप में जोड़ा जाएगा। ये महिलाएं सुरक्षा की दृष्टि से डंडा लेकर गश्त करेंगी और विभिन्न इलाकों में सतर्क निगरानी रखेंगी।
महिला कमांडो की तैनाती से न सिर्फ शहरी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। इससे पुलिस को जमीनी स्तर पर सटीक जानकारियां मिलेंगी और महिलाओं में आत्मविश्वास तथा सुरक्षा की भावना भी और अधिक सशक्त होगी।
