कबीरधाम पुलिस द्वारा अंधे हत्या (Blind Murder) का खुलासा

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कबीरधाम जिले में सामने आए अंधे कत्ल के मामले का पुलिस ने बेहद कम समय में सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। रानीदहरा जलप्रपात के पास अज्ञात महिला का शव मिलने से शुरू हुआ यह मामला बेहद जटिल था, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच से इसे सुलझा लिया गया।

जानकारी के अनुसार, 19 मार्च को रानीदहरा जलप्रपात के पास एक अज्ञात महिला का शव मिलने की सूचना पर थाना बोड़ला पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। शुरुआती दौर में मृतिका की पहचान नहीं हो पाने से मामला चुनौतीपूर्ण बन गया था। इस पर अपराध क्रमांक 34/2026 के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।

कबीरधाम पुलिस ने मात्र 2 दिनों के भीतर ही मृतिका की पहचान कर ली, जो Mungeli जिले की निवासी सुखमती बैगा निकली। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित कर तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल और फील्ड जांच के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया।

जांच के दौरान संदेह के आधार पर देवेन्द्र प्रसाद जायसवाल की भूमिका सामने आई। पुलिस को सूचना मिली कि वह पुणे में छिपा हुआ है, जिसके बाद टीम को Pune भेजा गया। महज 5 दिनों के भीतर पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर कबीरधाम लाया।

पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उसने अपने पिता केषव प्रसाद जायसवाल और सहयोगी मनोज पटेल के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। मृतिका के साथ प्रेम संबंध होने और समाज में बदनामी के डर से उन्होंने उसे रानीदहरा जलप्रपात ले जाकर पत्थर से हमला कर हत्या कर दी और शव को झरने में फेंक दिया।

पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर घटनास्थल पर डमी पुतले के जरिए सीन रिक्रिएट कराया, जिससे पूरी वारदात की पुष्टि हुई। साथ ही आरोपियों की निशानदेही पर महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए गए।

कबीरधाम पुलिस ने इस जटिल अंधे हत्या प्रकरण को सुलझाकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई में थाना बोड़ला पुलिस और साइबर टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें, जिससे अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।

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