साधारण परिवार की कामाक्षी शर्मा बनी साइबर वॉरियर! आतंकियों का नेटवर्क उजागर कर मचाई सनसनी

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k sharma

Photo Courtesy@Kamakshysharma

गाजियाबाद से जुड़ी यह कहानी साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ कामाक्षी शर्मा की है, जिन्होंने अपने संघर्ष, मेहनत और लगन से एक अलग पहचान बनाई है। एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाली कामाक्षी ने हमेशा कुछ बड़ा करने का सपना देखा और उसी दिशा में लगातार प्रयास करती रहीं।

अपने सफर को याद करते हुए वह बताती हैं कि हर दिन एक नई चुनौती, एक नई जिम्मेदारी और एक नया अवसर लेकर आता है। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने जीवन में आगे बढ़ते हुए हर कठिनाई को सीख में बदला और खुद को मजबूत बनाया।

इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ही उनका झुकाव साइबर सुरक्षा की ओर बढ़ा। उन्होंने एथिकल हैकिंग सीखी और इस क्षेत्र में कुछ सार्थक करने का निर्णय लिया। शुरुआत आसान नहीं थी—उन्होंने पुलिस के साथ काम करने की कोशिश की, लेकिन शुरुआती समय में उन्हें निराशा का सामना करना पड़ा।

हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार प्रयास जारी रखा। अंततः गाजियाबाद के सिहानी गेट थाने में उन्हें पहचान मिली। एक केस को सफलतापूर्वक सुलझाने के बाद उनके लिए नए रास्ते खुलते गए। इसके बाद उन्हें भारत के अलावा श्रीलंका और दुबई की पुलिस के साथ काम करने का अवसर भी मिला।

कामाक्षी शर्मा का मानना है कि आज के समय में साइबर सुरक्षा उतनी ही जरूरी है, जितनी शारीरिक सुरक्षा। जैसे-जैसे डिजिटल दुनिया का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे साइबर अपराध भी बढ़ रहे हैं। उनका सपना है कि भारत साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बने।

उनके करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण कार्य कश्मीर में आतंकियों के नेटवर्क का खुलासा करना रहा। एक विशेष ऐप के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक कर उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को अहम जानकारी दी, जो एक बड़ा अनुभव साबित हुआ और इससे उन्हें और मजबूती मिली।

यह कहानी सिर्फ एक करियर की नहीं, बल्कि एक मिशन की है—लोगों को जागरूक करना और उन्हें साइबर खतरों से सुरक्षित रखना। आज के समय में हर नागरिक को साइबर सुरक्षा की जानकारी होना बेहद जरूरी है।

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