नक्सल मुक्त बस्तर की ओर बड़ा कदम: CM विष्णु देव साय, DCM विजय शर्मा व IG सुंदरराज की मौजूदगी में ₹10 लाख कैश और AK-47 बरामद, 16 लाख के इनामी 2 माओवादी सरेंडर
सुकमा जिले में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री (गृह) श्री विजय शर्मा की रणनीति के तहत चल रहे अभियान का असर अब साफ दिखने लगा है। लगातार सर्चिंग ऑपरेशन के दबाव में माओवादी बैकफुट पर आ गए हैं।
इसी कड़ी में सुरक्षाबलों ने जंगलों में छिपाकर रखा गया एक बड़ा नक्सल डंप बरामद किया है। इस डंप से ₹10 लाख नगद, इंसास LMG, AK-47 और 303 राइफलें सहित अन्य हथियार और गोला-बारूद जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई माओवादियों की लॉजिस्टिक क्षमता को कमजोर करने में अहम मानी जा रही है।
इस पूरे अभियान की निगरानी बस्तर रेंज IG श्री पी. सुंदरराज द्वारा की जा रही थी, जिनके निर्देशन में सुरक्षा बलों ने सटीक रणनीति के साथ यह सफलता हासिल की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लगातार दबाव और मजबूत खुफिया नेटवर्क के कारण माओवादी अब छिपने को मजबूर हो गए हैं।
वहीं, छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर कुल ₹16 लाख के इनामी दो माओवादी कैडर ने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया। दोनों माओवादी केकेबीएन डिवीजन (ओडिशा) में सक्रिय थे और कंपनी सदस्य के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने सुकमा में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
पुलिस अधीक्षक सुकमा ने बताया कि “नक्सल मुक्त बस्तर” के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। सरकार द्वारा आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को आर्थिक सहायता, सुरक्षा और कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में शांति और विकास को बढ़ावा मिल रहा है।
