बाल विवाह के खिलाफ जनकपुर में बड़ा जागरूकता अभियान! पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह का सख्त संदेश — “बचपन बचाना समाज की जिम्मेदारी”

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छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले के जनकपुर-कोटाडोल क्षेत्र में “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़” अभियान के तहत एक व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य समाज से बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करना रहा।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं और आम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम सामाजिक जागरूकता, कानूनी जानकारी और सामूहिक संकल्प का मजबूत उदाहरण बना।

👮‍♀️ पुलिस अधीक्षक का स्पष्ट संदेश
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह (IPS) ने कहा कि बाल विवाह केवल परंपरा नहीं बल्कि बच्चों के अधिकारों और उनके भविष्य पर गंभीर आघात है। उन्होंने बताया कि कम उम्र में विवाह बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक विकास को प्रभावित करता है, इसलिए इसे रोकने के लिए कानून के साथ सामाजिक जागरूकता बेहद जरूरी है।

⚖️ कानूनी जानकारी और संवाद सत्र
कार्यक्रम के दौरान चाइल्डलाइन टीम, परियोजना अधिकारियों और थाना प्रभारी ने नागरिकों को बाल विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। इंटरएक्टिव सत्र में युवाओं और अभिभावकों की शंकाओं का समाधान करते हुए बताया गया कि जागरूक नागरिक बनकर हर व्यक्ति इस अपराध को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

🤝 जनप्रतिनिधियों का समर्थन
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अभियान को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। जनपद अध्यक्ष माया प्रताप सिंह ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया, जबकि उपाध्यक्ष हीरालाल मौर्य और जिला पंचायत सदस्य अनीता चौधरी ने सभी वर्गों से सक्रिय सहभागिता की अपील की।

🌱 संकल्प के साथ समापन
कार्यक्रम में एसडीओपी अलेक्सीयुस टोप्पो, थाना प्रभारी जनकपुर, एएसआई जगदेव कुशवाहा, पुलिस स्टाफ, आईटीआई एवं शासकीय नवीन कॉलेज के छात्र-छात्राएं, मितानिन और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
अंत में सभी उपस्थित लोगों ने एक स्वर में “बाल विवाह मुक्त समाज” बनाने का संकल्प लिया।

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