सामुदायिक पुलिसिंग की मिसाल: सुदूर वनांचल ग्राम बेंदा पहुंचे एसपी धर्मेंद्र सिंह, ग्रामीणों और बच्चों से किया आत्मीय संवाद

0
714184667_1409461777874534_4590542984858036594_n

कबीरधाम। सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत बनाने और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह (आईपीएस) लगातार वनांचल क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम बेंदा पहुंचकर ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों से आत्मीय मुलाकात की तथा उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और सुझावों को गंभीरता से सुना।

दौरे के दौरान पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों से क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और जनसहयोग से संचालित पुलिस गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि या संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का वातावरण बना रहे।

एसपी धर्मेंद्र सिंह ने बच्चों से भी विशेष संवाद किया और उन्हें शिक्षा, अनुशासन, नैतिक मूल्यों तथा समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय जाने, नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहने तथा अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास एवं सहयोग ही सुरक्षित समाज की सबसे बड़ी ताकत है। दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों तक पहुंचकर नागरिकों की समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उल्लेखनीय है कि ग्राम बेंदा सहित यह पूरा क्षेत्र कभी नक्सल प्रभावित माना जाता था, लेकिन शासन, प्रशासन, सुरक्षा बलों और स्थानीय नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से आज कबीरधाम जिला पूरी तरह नक्सल मुक्त हो चुका है। यह उपलब्धि सामूहिक प्रयास और जनसहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है।

कबीरधाम पुलिस ने कहा है कि भविष्य में भी सामुदायिक पुलिसिंग के तहत जिले के दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में जनसंवाद कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे, जिससे पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके तथा शांति, सुरक्षा और विकास को और अधिक मजबूती मिले।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हो सकता है आप चूक गए हों