देवास पुलिस को मिला प्रदेश स्तरीय सम्मान, डिजिटल पुलिसिंग के मॉडल ने पूरे मध्यप्रदेश में बनाई अलग पहचान
देवास। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नई आपराधिक न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से लगातार दूसरे वर्ष राज्य स्तरीय कार्यशाला “आईसीजेएस इम्प्लीमेंटेशन एंड डिजिटल इंटीग्रेशन : वन नेशन, वन डेटा, वन एंट्री” का आयोजन राजधानी भोपाल स्थित मिंटो हॉल में किया गया। इस दौरान डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग और आधुनिक पुलिसिंग के उत्कृष्ट मॉडल प्रस्तुत करने पर देवास पुलिस को प्रदेश स्तर पर सम्मानित किया गया।
कार्यशाला में अपराधों की जांच, न्यायिक प्रक्रिया तथा विभिन्न विभागों के बीच डिजिटल समन्वय को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस, न्यायपालिका, अभियोजन, स्वास्थ्य विभाग और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) के बीच सूचना के डिजिटल आदान-प्रदान को बढ़ावा देकर पीड़ितों को समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना रहा।
इस अवसर पर देवास पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद तथा विशेषज्ञ अधिकारी बिना दुबे को अपराधों के निराकरण में डिजिटल तकनीकों के प्रभावी उपयोग और नवाचार आधारित पुलिसिंग के लिए प्रदेश स्तर पर सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान एसपी पुनीत गेहलोद ने पिछले एक वर्ष में देवास पुलिस द्वारा डिजिटल पुलिसिंग को मजबूत बनाने के लिए किए गए नवाचारों, तकनीकी सुधारों और उनके सकारात्मक परिणामों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से विवेचना की गुणवत्ता, पारदर्शिता और गति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
इस राज्य स्तरीय कार्यशाला में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के न्यायमूर्ति संजीव कलगांवकर, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, गृह सचिव संजय शुक्ला, स्पेशल डीजी (सीआईडी) पंकज श्रीवास्तव तथा एडीजी एससीआरबी जयदीप प्रसाद सहित प्रदेशभर के पुलिस, न्यायपालिका, अभियोजन, स्वास्थ्य विभाग एवं एफएसएल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने नई आपराधिक न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल इंटीग्रेशन और तकनीक आधारित पुलिसिंग को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर बल दिया। देवास पुलिस को मिला यह सम्मान प्रदेश में आधुनिक, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
