समर्थ गुरु–2026 में एसपी त्रिलोक बंसल ने दिए सफलता के मंत्र, मेधावी विद्यार्थियों और उत्कृष्ट शिक्षकों का हुआ सम्मान
बेमेतरा में आयोजित “समर्थ गुरु–2026” शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला एवं “प्रतिभा सम्मान समारोह–2026” में पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल (IPS) ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को सफलता के मूल मंत्र बताते हुए अनुशासन, समर्पण और सकारात्मक सोच को जीवन की सबसे बड़ी ताकत बताया। इस अवसर पर जिले के मेधावी विद्यार्थियों और उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित भी किया गया।

प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन, जिला बेमेतरा एवं समाधान महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में एकेडमिक वर्ल्ड स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार यादव भी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में दोनों अधिकारियों का शाल, श्रीफल और स्मृति-चिह्न भेंटकर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में जिलेभर के 450 से अधिक शिक्षक, शिक्षाविद्, विद्यालय संचालक, प्राचार्य, विद्यार्थी एवं अभिभावकों ने सहभागिता की। आयोजन का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जोड़ना तथा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों को सम्मानित करना था।
अपने संबोधन में एसपी त्रिलोक बंसल ने कहा कि अनुशासन और समर्पण ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। उन्होंने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण का शिल्पकार बताते हुए उनके योगदान की सराहना की और विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, आत्मविश्वास, समय के सदुपयोग तथा सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही परीक्षा की बेहतर तैयारी और करियर निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार यादव ने भी विद्यार्थियों और शिक्षकों को निरंतर सीखने, अनुशासन अपनाने तथा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश दिया। उन्होंने आत्मसंयम, कृतज्ञता और दृढ़ संकल्प को सफलता का आधार बताते हुए प्रेरणादायी शिक्षक की भूमिका पर विशेष जोर दिया।
प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान सीबीएसई एवं सीजी बोर्ड की कक्षा 8वीं, 10वीं और 12वीं के जिला टॉप-10 विद्यार्थियों, 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं तथा विभिन्न विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं जिले के लगभग 50 उत्कृष्ट शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उनके नवाचार, समर्पण और उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।




