अरुणाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 50 एकड़ में फैली अवैध गांजे की खेती नष्ट
अरुणाचल प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। पश्चिम कामेंग जिले में करीब 50 एकड़ क्षेत्र में फैली अवैध गांजे की खेती को नष्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई 26 अक्टूबर 2026 को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), अरुणाचल प्रदेश पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने की।

अभियान में एसएसबी की 61वीं वाहिनी के जवानों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय अधिकारियों के समन्वय से क्षेत्र में अवैध रूप से की जा रही गांजे की खेती की पहचान कर उसे नष्ट करने की कार्रवाई की गई। करीब 50 एकड़ में फैली इस खेती को नष्ट करना नशे के अवैध उत्पादन पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यह संयुक्त कार्रवाई देशभर में चलाए जा रहे नशामुक्त भारत अभियान के उद्देश्य के अनुरूप की गई। अभियान का मकसद अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन और तस्करी पर अंकुश लगाना तथा नशे के कारोबार से जुड़े नेटवर्क को कमजोर करना है। इसके लिए विभिन्न केंद्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियां आपसी तालमेल के साथ कार्रवाई कर रही हैं।

इस अभियान में एनसीबी, अरुणाचल प्रदेश पुलिस, सीआरपीएफ और एसएसबी के साथ स्थानीय प्रशासन की भागीदारी ने सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को भी दर्शाया। दुर्गम क्षेत्रों में अवैध खेती की पहचान कर उसे नष्ट करना नशे के खिलाफ अभियान का अहम हिस्सा है।
एसएसबी की 61वीं वाहिनी सहित संयुक्त टीम की इस कार्रवाई से अवैध गांजा उत्पादन के खिलाफ कड़ा संदेश गया है। नशामुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए ऐसी कार्रवाई के साथ आम नागरिकों की जागरूकता और सुरक्षा एजेंसियों के बीच निरंतर सहयोग भी आवश्यक है।
