27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक पुलिस के सराहनीय कार्य: 490 कर्मियों को दक्षता पदक
27 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 के बीच देशभर में पुलिस और सुरक्षा बलों ने अपराधों की जांच, नशे के खिलाफ कार्रवाई, साइबर ठगी पर रोक और सार्वजनिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में कई सराहनीय कार्य किए। इस अवधि की प्रमुख उपलब्धियों में 31 अक्टूबर को 490 पुलिस और सुरक्षा कर्मियों को केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक–2026 से सम्मानित किया जाना शामिल रहा।
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर घोषित इस सम्मान के लिए अपराध अन्वेषण, विशेष अभियान और खुफिया कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कर्मियों का चयन किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विशेष अभियानों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 114, पंजाब पुलिस के 37, दिल्ली पुलिस के 36, झारखंड पुलिस के 28, तेलंगाना पुलिस के 21 और उत्तर प्रदेश पुलिस के 18 जवानों को सम्मानित किया गया।
छत्तीसगढ़ के 15 पुलिस कर्मियों को नक्सल विरोधी विशेष अभियानों में साहस और योगदान के लिए इस पदक से सम्मानित किए जाने की जानकारी भी सामने आई। इनमें एसपी रॉबिन्सन गुरिया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रमोद साबद्रा के नाम शामिल बताए गए हैं। यह उपलब्धि राज्य पुलिस के लिए गौरव का विषय है।
बिहार में 27 अक्टूबर से 26 नवंबर तक ‘नशा मुक्त बिहार’ विशेष अभियान शुरू किया गया। अभियान के तहत पुलिस और उत्पाद विभाग की टीमें गांवों और घरों तक पहुंचकर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करने में जुटी हैं। नागरिकों से नशे से जुड़ी जानकारी संबंधित हेल्पलाइन के माध्यम से साझा करने की अपील भी की गई है।
मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में साइबर ठगी के एक मामले में सुल्तानपुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित मजदूर की रकम होल्ड करवाने और वापस दिलाने में मदद की। साइबर अपराध के मामलों में समय पर शिकायत और पुलिस की तत्परता पीड़ितों को आर्थिक नुकसान से बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के नाहन में चल रही पुलिस भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान पारदर्शिता पर जोर दिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विभिन्न गतिविधियों की वीडियोग्राफी कराई गई और अभ्यर्थियों की शंकाओं के समाधान के लिए मौके पर वीडियो दिखाए गए। इससे भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता और भरोसा बढ़ाने का प्रयास किया गया।
दीपावली, छठ पूजा और राष्ट्रीय एकता दिवस जैसे अवसरों पर भी पुलिस तथा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभाली। त्योहारों के दौरान ड्यूटी निभाने वाले कर्मियों का योगदान सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण रहा।
