बिलासपुर: डीजीपी ने ली बिलासपुर रेंज की समीक्षा बैठक, बेहतर पुलिसिंग के दिए दिशा-निर्देश

जांजगीर-चांपा में डीजीपी अरुण देव गौतम ने बिलासपुर रेंज के चार जिलों के पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। कानून व्यवस्था, सामुदायिक पुलिसिंग और तकनीकी सशक्तिकरण पर विस्तार से चर्चा की गई।

img_0811.jpg

बिलासपुर, 7 अगस्त 2025।

छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम ने बुधवार को बिलासपुर में बिलासपुर रेंज के अंतर्गत आने वाले चार जिलों—जांजगीर-चांपा, कोरबा, शक्ति, और सारंगढ़-भिलाईगढ़—के पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ राजपत्रित अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। यह बैठक कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, तकनीकी उपयोग और जनोन्मुखी पुलिसिंग को लेकर की गई।

बैठक में बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला (IPS), जांजगीर-चांपा के पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय, कोरबा के एसपी श्री सिद्धार्थ तिवारी, शक्ति जिला एसपी अंकिता शर्मा और सारंगढ़-भिलाईगढ़ के एसपी श्री अंजनेय वार्ष्णेय सहित जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे।

एसपी जांजगीर-चांपा श्री विजय कुमार पाण्डेय ने अपने जिले में कानून व्यवस्था, अपराधों पर नियंत्रण, विजिबल पुलिसिंग और सामुदायिक पुलिसिंग के तहत किए जा रहे कार्यों का विस्तृत प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया।

डीजीपी श्री गौतम ने विशेष रूप से सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम ‘चेतना अभियान’ को संस्थागत रूप देने, NAFIS (फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली) के उपयोग को बढ़ावा देने और इस पर प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, बीट सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाने, नए कानूनों के बेहतर क्रियान्वयन, और CCTNS, ई-साक्ष्य, तथा ई-समन जैसी तकनीकों के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया।

उन्होंने पुलिस वेलफेयर से संबंधित कार्यों को शासन और पुलिस मुख्यालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप समयसीमा में पूरा करने के निर्देश भी दिए।

डीजीपी ने उपस्थित सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे थाना क्षेत्रों में घटित गंभीर अपराधों की सूचना मिलते ही स्वयं तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे, फरियादी की बात सुनें और शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करें। लंबित समंस/वारंट और प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग कर उनके समयबद्ध निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने सभी अधिकारियों को छत्तीसगढ़ पुलिस की बेहतर छवि बनाए रखने और जनविश्वास अर्जित करने के लिए कानून के अनुरूप ईमानदारी, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही, भविष्य की कार्य योजना एवं अब तक के कार्यों की विस्तृत समीक्षा भी की गई।

हो सकता है आप चूक गए हों