बीजापुर में 66 लाख के इनामी समेत 51 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, ‘पूना मारगेम’ अभियान की बड़ी सफलता

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बीजापुर।
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति स्थापना की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। पुलिस की निरंतर सक्रियता और “पूना मारगेम” (पुनर्वास से पुनर्जीवन) अभियान के असर से बीजापुर में 66 लाख रुपये के इनामी 20 नक्सलियों समेत कुल 51 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।

इन नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने और हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की प्रगति में भागीदारी निभाने का निर्णय लिया है।
बीजापुर पुलिस की इस सफलता को नक्सल उन्मूलन अभियान की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जो स्थानीय प्रशासन के मानवीय दृष्टिकोण और विश्वास की नीति का परिणाम है।


👮‍♂️ पुलिस का मानवीय प्रयास — ‘हथियार छोड़ो, विकास से जुड़ो’

बीजापुर पुलिस ने बीते महीनों में लगातार ग्रामीण इलाकों में संवाद, जनसंपर्क और विकास कार्यों के माध्यम से लोगों में भरोसा जगाया है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत सभी सुविधाएँ प्रदान की जाएँगी, ताकि वे समाज में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें।


🌿 अभियान “पूना मारगेम” क्या है?

“पूना मारगेम” (गोंडी भाषा में अर्थ — नई राह की ओर लौटना) के तहत नक्सलियों को हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाता है।
इस अभियान ने नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिस और जनता के बीच विश्वास का नया सेतु बनाया है।


🗣️ अधिकारियों का संदेश

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा —
“यह आत्मसमर्पण इस बात का प्रमाण है कि संवाद और विश्वास से बदलाव संभव है। हमारी प्राथमिकता विकास, शिक्षा और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है ताकि कोई भी व्यक्ति फिर से भटके नहीं।”

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