बस्तर में बड़ी सफलता: ₹65 लाख के इनामी 10 नक्सली ‘पूना मार्गेम’ नीति के तहत आत्मसमर्पण
छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक और बड़ी सफलता मिली है। पुनर्वास नीति ‘पूना मार्गेम’ के अंतर्गत ₹65 लाख के इनामी 10 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। यह कदम सरकार की नीतियों और पुलिस की लगातार बढ़ती सक्रियता का महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली लंबे समय से अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय थे और उनकी गतिविधियों पर सुरक्षा बलों की निगरानी लगातार बढ़ रही थी। बढ़ते दबाव, विकास कार्यों की पहुंच और पुनर्वास नीति के लाभों ने उन्हें मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया।
आत्मसमर्पित नक्सलियों ने पुलिस और प्रशासन के सामने अपने हथियार सौंपे तथा समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर शांति और विकास के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। पुलिस का कहना है कि इन नक्सलियों का आत्मसमर्पण क्षेत्र में सुरक्षा वातावरण को और मजबूत करेगा।

अधिकारियों का मानना है कि सरकार की जनहितकारी योजनाओं और सुरक्षा बलों की प्रभावी रणनीति के कारण नक्सल प्रभावित इलाकों में भरोसा लगातार बढ़ रहा है। इस सफलता से क्षेत्र में चल रहे नक्सल उन्मूलन अभियान को नई गति मिलने की उम्मीद है।
बस्तर पुलिस ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को शासन की पुनर्वास योजना के अनुसार आवश्यक सुविधाएँ और पुनर्वास सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।
