दंतेवाड़ा में 65 लाख के इनामी सहित 37 नक्सली आत्मसमर्पण—पुनर्वास योजना की बड़ी सफलता
दंतेवाड़ा जिले में नक्सल उन्मूलन की दिशा में सरकार द्वारा संचालित पुनर्वास योजनाओं और पुलिस की निरंतर सक्रियता का बड़ा प्रभाव सामने आया है। जिले में 65 लाख रुपए के इनामियों सहित कुल 37 नक्सलियों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। यह आत्मसमर्पण अभियान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बढ़ते विश्वास और राज्य सरकार की पुनर्वास नीतियों की प्रभावशीलता को दर्शाता है।

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में कई महत्वपूर्ण पदों पर सक्रिय रहे सदस्य शामिल हैं, जिन पर गंभीर आपराधिक घटनाओं में संलिप्तता और सुरक्षा बलों पर हमले के आरोप थे। पुलिस ने बताया कि लगातार चल रहे क्षेत्र-विशेष अभियान, सुरक्षा बलों की बढ़ी पहुंच और जनविश्वास कार्यक्रमों ने नक्सलियों के मन में आत्मसमर्पण का भरोसा जगाया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन नक्सलियों को पुनर्वास योजना के तहत शासन की ओर से पूर्ण सुरक्षा, आर्थिक सहायता और जीवन सुधार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। आत्मसमर्पण करने वालों ने स्वीकार किया कि जंगलों में हिंसा और असुरक्षा से भरे जीवन के स्थान पर अब वे परिवार और समाज के साथ एक सम्मानजनक जीवन जीना चाहते हैं।

दंतेवाड़ा में हुए इस सामूहिक आत्मसमर्पण को सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस के समन्वित प्रयासों से अब नक्सल गतिविधियों में लगातार कमी आ रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह सफलता क्षेत्र के युवाओं को भी हिंसा छोड़कर विकास की राह पर चलने के लिए प्रेरित करेगी।
सरकार का मानना है कि पुनर्वास योजना के बेहतर परिणामों के चलते आने वाले समय में और भी नक्सली मुख्यधारा का हिस्सा बनेंगे, जिससे बस्तर क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी।
