नाबालिगों को व्हाइटनर बेचकर नशे की लत लगाने वाले स्टेशनरी संचालक गिरफ्तार
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में जिलेभर में मादक पदार्थों की अवैध खरीदी-बिक्री पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में थाना लैलूंगा पुलिस ने नाबालिग बच्चों को नशे की ओर धकेलने वाले दो स्टेशनरी संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव द्वारा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया था। इसी दौरान विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई कि हाईस्कूल के सामने मेन रोड किनारे स्थित साक्षी स्टेशनरी और प्रिया फैन्सी एवं स्टेशनरी की दुकानों में बड़ी मात्रा में व्हाइट इंक “व्हाइटनर” रखकर नाबालिग बच्चों को नशे के रूप में उपयोग करने के लिए बेचा जा रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों दुकानों पर दबिश दी। तलाशी के दौरान कोरस इराज-एक्स व्हाइट इंक करेक्शन पेन सेट (12 एमएल) कुल 234 नग बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 6,990 रुपये बताई गई है। इसके साथ ही एक रियलमी मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। जब्त सामग्री का विधिवत पंचनामा तैयार कर कार्रवाई की गई।
पुलिस पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी यह भली-भांति जानते थे कि व्हाइटनर जैसे पदार्थ का सेवन मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है और इससे बच्चों में नशे की लत लगने के साथ उनके मानसिक विकास पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसके बावजूद दोनों आरोपी नाबालिग बच्चों को उक्त पदार्थ बेच रहे थे।
पुलिस ने आरोपियों चंद्रभान पटेल और उमेश पटेल के खिलाफ बालकों की देखरेख एवं संरक्षण अधिनियम (जे.जे. एक्ट) सहित भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है। मामले की विवेचना जारी है और पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क से और कौन लोग जुड़े हो सकते हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों द्वारा मादक पदार्थ, जुआ और सट्टा जैसे अपराधों के विरुद्ध अभियान स्तर पर निरंतर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि युवाओं और बच्चों को नशे की दलदल से बचाया जा सके।
