भिलाई में दुर्ग पुलिस की बड़ी पहल! POCSO और किशोर न्याय कानून पर रेंज स्तरीय प्रशिक्षण
दुर्ग जिला पुलिस द्वारा भिलाई में रेंज स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह कार्यशाला यूनिसेफ के सहयोग से आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य बच्चों से जुड़े मामलों में पुलिस की संवेदनशीलता और कानूनी समझ को और सुदृढ़ करना था।
कार्यशाला में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा POCSO अधिनियम के प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि बच्चों से जुड़े मामलों में जांच प्रक्रिया के दौरान कानूनी प्रोटोकॉल और मानवीय दृष्टिकोण दोनों का संतुलन बेहद आवश्यक है।
प्रशिक्षण सत्र में पुलिस अधिकारियों को केस स्टडी, व्यावहारिक उदाहरण और प्रक्रियात्मक पहलुओं के माध्यम से समझाया गया कि पीड़ित बच्चों के बयान दर्ज करते समय और साक्ष्य संकलन के दौरान किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। साथ ही बाल अधिकारों और गोपनीयता बनाए रखने के महत्व पर भी जोर दिया गया।
अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं पुलिस बल को संवेदनशील मामलों में अधिक पेशेवर और जवाबदेह बनाती हैं। बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए नियमित प्रशिक्षण बेहद जरूरी है।
दुर्ग पुलिस ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि बाल अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया और मजबूत हो सके।
