मोबाइल दुकान चोरी से बैंक लूट की साजिश तक का खुलासा — रायगढ़ पुलिस ने 6 आरोपियों को दबोचा, 26 लाख से ज्यादा की संपत्ति बरामद
रायगढ़ जिले में पुलिस ने एक बड़े संगठित आपराधिक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मोबाइल दुकान चोरी और बैंक लूट की साजिश का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपये की संपत्ति भी बरामद की है।
जांच के दौरान सामने आया कि यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से अलग-अलग वारदातों को अंजाम दे रहा था। आरोपियों ने पहले मोबाइल दुकान में चोरी की घटना को अंजाम दिया और इसके बाद दो बैंकों में लूट की योजना बनाई थी। हालांकि पुलिस की सतर्कता के चलते बड़ी वारदात होने से पहले ही गिरोह को पकड़ लिया गया।
पुलिस के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क एक सरगना के इशारे पर संचालित हो रहा था। गिरोह के सदस्य पहले रेकी कर अपने टारगेट चुनते थे और फिर सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देते थे। सड़क किनारे स्थित दुकानें और बैंक इस गिरोह के मुख्य निशाने पर थे।

मामले की जांच में CCTV फुटेज और मुखबिर से मिली सटीक सूचना पुलिस के लिए अहम साबित हुई। आरोपियों ने अपने अपराध छुपाने के लिए बैंक के CCTV सिस्टम तक को उखाड़ने की कोशिश की थी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर पूरे गिरोह को बेनकाब कर दिया।
गिरफ्तार आरोपियों में मोह. अरसलान, करण महंत, अलतमस खान, जॉनसन बेक, कवलेश यादव सहित एक नाबालिग शामिल है। ये सभी अलग-अलग जिलों के निवासी हैं और संगठित तरीके से अपराध को अंजाम दे रहे थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो चारपहिया वाहन, 60 मोबाइल फोन और अन्य सामान सहित कुल ₹26.47 लाख की संपत्ति बरामद की है। यह कार्रवाई घरघोड़ा पुलिस द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में की गई, जिसे बड़ी सफलता माना जा रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने इस कार्रवाई को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि ऐसे गिरोहों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और बैंकों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
