गरियाबंद बना नक्सल-मुक्त: 31 माओवादी ढेर, 29 सरेंडर — बड़े कमांडर खत्म, करोड़ों का सामान जब्त

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गरियाबंद — जिले में नक्सल हिंसा के खिलाफ चलाए गए लगातार अभियानों के बाद अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है। जनवरी 2024 से जारी ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने बड़े पैमाने पर सफलता हासिल करते हुए नक्सल संगठन की कमर तोड़ दी है। इस दौरान कुल 31 माओवादी मारे गए, जिनमें 07 टॉप लीडर शामिल थे।

पुलिस के अनुसार, पिछले दो वर्षों में पुनर्वास नीति के तहत 29 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। वहीं विशेष अभियानों में पहली बार बेसराजहर-भालूडीग्गी की पहाड़ियों में 16 माओवादियों को एक साथ ढेर किया गया, जिनमें CC चालपति, SZCM सत्यम गावड़े, जयराम उर्फ गुड्डू और आलोक जैसे प्रमुख नाम शामिल थे।

इसके बाद ग्राम मेटल-भालूडीग्गी क्षेत्र में 11-12 सितंबर को चले दूसरे विशेष ऑपरेशन में 10 और माओवादी मारे गए, जिनमें CC मनोज उर्फ मोडेम बालकृष्ण, SCM प्रमोद उर्फ पांडु और विमल उर्फ सुरेंद्र उर्फ जड़ी वेंकट जैसे बड़े नेता शामिल थे।

उदंती एरिया कमेटी के सदस्यों ने 07/11/2025 को आत्मसमर्पण किया, वहीं SDK और सिनापाली एरिया कमेटी ने 19/01/2026 को पुलिस महानिरीक्षक के समक्ष सरेंडर किया। इसके बाद 23/01/2026 को सितांडी एरिया कमेटी के आत्मसमर्पण के साथ धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ा डिवीजन का पूरा चैप्टर समाप्त हो गया।

इस दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई। कुल 75 हथियार, 304 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 14 IED बम, 114 मीटर कॉर्डेक्स वायर और 89 BGL सेल जब्त किए गए हैं। इसके अलावा माओवादियों से ₹1,08,81,500 की नकदी भी बरामद की गई है।

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