शहीदों को नमन: एसएसबी के 150 अधिकारियों और जवानों ने निकाली मोटरसाइकिल रैली, राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर दी श्रद्धांजलि
नई दिल्ली। देश की रक्षा और सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों की शौर्यगाथा को याद करते हुए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने मोटरसाइकिल रैली का आयोजन किया। पुलिस स्मृति दिवस 2026 और राष्ट्रीय एकता दिवस 2026 के बीच आयोजित स्मरण कार्यक्रमों के तहत निकाली गई इस रैली में एसएसबी के 150 अधिकारियों और जवानों ने हिस्सा लिया। रैली के माध्यम से शहीदों के साहस, वीरता और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का संदेश दिया गया।
यह मोटरसाइकिल रैली नई दिल्ली के आर.के. पुरम स्थित एसएसबी मुख्यालय से शुरू होकर चाणक्यपुरी स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक तक पहुंची। रैली को एसएसबी के महानिरीक्षक श्री सोमित जोशी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसमें शामिल अधिकारियों और जवानों ने अनुशासन और एकजुटता के साथ भाग लेते हुए देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को किया नमन
राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर पहुंचकर रैली में शामिल अधिकारियों और जवानों ने मातृभूमि की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक याद किया। इस अवसर पर उनके अदम्य साहस, वीरता और कर्तव्यनिष्ठा को नमन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य देशवासियों तक यह संदेश पहुंचाना था कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले जवानों का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

पुलिस स्मृति दिवस से राष्ट्रीय एकता दिवस तक विशेष आयोजन
पुलिस स्मृति दिवस प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है, जबकि राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। इन दोनों महत्वपूर्ण अवसरों के बीच आयोजित स्मरण कार्यक्रमों का उद्देश्य पुलिस और सुरक्षा बलों के बलिदान को सम्मान देना तथा राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना को मजबूत करना है।

150 अधिकारियों और जवानों की सहभागिता
रैली में एसएसबी के कुल 150 अधिकारियों और जवानों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने शहीदों की वीरता और राष्ट्र के प्रति उनकी निष्ठा को याद करते हुए श्रद्धांजलि कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह आयोजन सुरक्षा बलों के बीच एकता, अनुशासन और कर्तव्य के प्रति समर्पण की भावना को भी प्रदर्शित करता है।
एसएसबी की इस पहल के माध्यम से देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले वीरों के बलिदान को सम्मानित करने और आने वाली पीढ़ियों तक उनकी प्रेरणादायक गाथाओं को पहुंचाने का संदेश दिया गया। मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले शहीदों का साहस और समर्पण सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
