कर्तव्य के साथ संवेदनशीलता और साहस: 23 से 29 अक्टूबर तक महिला पुलिसकर्मियों के सराहनीय कार्यों की चर्चा
23 से 29 अक्टूबर 2026 के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में महिला पुलिसकर्मियों ने महिला सुरक्षा, अपराध नियंत्रण, जनजागरूकता और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाई। इस दौरान कहीं महिला सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, तो कहीं आपातकालीन सहायता व्यवस्था और त्योहारों के दौरान सुरक्षा पर ध्यान दिया गया। कुछ घटनाओं में महिला पुलिसकर्मियों की पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ ड्यूटी निभाने की तस्वीरें भी सामने आईं।
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में 27 अक्टूबर को महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के संदेश के साथ पिंकाथॉन दौड़ आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई। इस आयोजन में महिला पुलिसकर्मियों की भागीदारी के जरिए महिलाओं को सुरक्षा और आत्मविश्वास के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया। वहीं, धनतेरस, दीपावली और करवा चौथ जैसे त्योहारों के दौरान बाजारों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर महिला सुरक्षा को लेकर निगरानी और जागरूकता गतिविधियों पर भी जोर रहा। एंटी रोमियो टीमों के माध्यम से महिलाओं और युवतियों को सुरक्षा संबंधी सहायता तथा हेल्पलाइन की जानकारी देने की बात कही गई।

हैदराबाद में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए ‘स्पंदना’ नाम से महिला पुलिसकर्मियों की विशेष आपातकालीन सहायता व्यवस्था शुरू किए जाने की जानकारी भी दी गई। इस पहल के तहत महिला पुलिसकर्मियों की समर्पित टीमें चौबीसों घंटे तैनात रखने की योजना बताई गई, ताकि जरूरत पड़ने पर महिलाओं और बच्चों तक तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके। ऐसी व्यवस्था का उद्देश्य आपात स्थिति में त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया और महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाना है।
राजस्थान में पंचायत चुनाव के दौरान महिला कांस्टेबल अंतीमा से जुड़ा एक प्रसंग भी चर्चा में रहा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 28 अक्टूबर को उन्होंने अपने 12 महीने के बच्चे को साथ लेकर मतदान केंद्र पर ड्यूटी निभाई। बताया गया कि अवकाश नहीं मिलने के कारण उन्हें बच्चे के साथ ही अपनी जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। इस घटना ने पुलिस सेवा में तैनात महिलाओं के सामने आने वाली पारिवारिक और पेशेवर जिम्मेदारियों के संतुलन की चुनौती को सामने रखा।

छत्तीसगढ़ में त्योहारों के दौरान बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों तथा पिंक पेट्रोल जैसी व्यवस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही। भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगरानी, छेड़छाड़ की घटनाओं पर रोकथाम और महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराने जैसे कार्यों पर ध्यान दिया गया। वहीं, रायपुर में हनीट्रैप और ठगी से जुड़े गिरोह पर कार्रवाई में महिला पुलिसकर्मियों की भूमिका होने का दावा भी उपलब्ध सामग्री में किया गया है। हालांकि, इस कार्रवाई के संबंध में विस्तृत तिथि, आरोपियों और प्रकरण की जानकारी स्पष्ट नहीं है।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में करवा चौथ के अवसर पर विवाहित महिला पुलिसकर्मियों को अवकाश देने संबंधी निर्णय की जानकारी भी सामने आई। उपलब्ध विवरण के अनुसार, 29 अक्टूबर को महिला पुलिसकर्मियों को त्योहार मनाने के लिए ड्यूटी से राहत देने का आदेश जारी किया गया। इस तरह के निर्णय पुलिसकर्मियों की पारिवारिक जिम्मेदारियों और त्योहारों के महत्व को ध्यान में रखने की पहल के रूप में देखे जा सकते हैं।
कुल मिलाकर 23 से 29 अक्टूबर का सप्ताह महिला पुलिसकर्मियों की बहुआयामी भूमिका को सामने लाने वाला रहा। महिला सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान, आपातकालीन सहायता, त्योहारों के दौरान निगरानी और कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी निभाने जैसे उदाहरणों ने पुलिस सेवा में महिलाओं के योगदान को रेखांकित किया। इन प्रयासों के साथ यह संदेश भी सामने आया कि सुरक्षित समाज के निर्माण में महिला पुलिसकर्मियों की सक्रिय भागीदारी और संवेदनशील कार्यशैली महत्वपूर्ण है।
