भारतीय सेना में शामिल हुए पहले अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर, एयर डिफेंस को मिलेगा नया बल
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भारतीय सेना ने सोमवार को अमेरिकी निर्मित अपाचे AH-64E अटैक हेलीकॉप्टर की पहली खेप को औपचारिक रूप से अपने बेड़े में शामिल कर लिया। यह समारोह पश्चिम बंगाल के पठानकोट स्थित एक एयर बेस पर आयोजित किया गया, जहां रक्षा अधिकारियों और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में इन हेलीकॉप्टरों का स्वागत किया गया।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि भारतीय सेना के लिए तैयार किए गए छह अपाचे हेलीकॉप्टरों की यह पहली किस्त है, जिन्हें बोइंग कंपनी ने निर्मित किया है। इनका उपयोग विशेष रूप से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दुश्मन के ठिकानों को निशाना बनाने और त्वरित प्रतिक्रिया देने में किया जाएगा।
भारतीय वायुसेना के बाद अब सेना के पास भी यह अत्याधुनिक अटैक हेलीकॉप्टर उपलब्ध होंगे, जिससे उसकी सामरिक क्षमताओं में बड़ा इजाफा होगा। सेना ने बताया कि अपाचे हेलीकॉप्टरों को पूर्वी सीमाओं और उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा।
अपाचे हेलीकॉप्टर की खासियतें:
1. मारक क्षमता:
AH-64E अपाचे हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक मिसाइल और गन सिस्टम से लैस है। इसमें AGM-114 हेलफायर मिसाइलें, हाइड्रा रॉकेट्स और 30 मिमी की चेन गन शामिल हैं।
2. आधुनिक सेंसर सिस्टम:
इसमें लेटेस्ट FLIR (Forward Looking Infrared) कैमरा और नाइट विजन सिस्टम लगे होते हैं, जिससे यह रात में और कठिन मौसम में भी टारगेट को पहचान सकता है।
3. हाई मोबिलिटी:
अपाचे हेलीकॉप्टर को ऊंचे पर्वतीय इलाकों जैसे लद्दाख और पूर्वोत्तर भारत में ऑपरेशन के लिए खासतौर पर डिजाइन किया गया है।
4. इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर:
यह हेलीकॉप्टर इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग और दुश्मन के रडार को चकमा देने में भी सक्षम है।
5. नेटवर्किंग और डेटा लिंक:
इसमें डाटा लिंक प्रणाली मौजूद है, जिससे यह अन्य एयर और ग्राउंड फोर्सेस से रियल-टाइम जानकारी साझा कर सकता है।
पृष्ठभूमि:
भारत सरकार ने अपाचे हेलीकॉप्टरों की खरीद के लिए अमेरिका के साथ रक्षा समझौता किया था, जिसमें 6 हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति का प्रावधान था। इससे पहले वायुसेना के पास पहले से 22 अपाचे हेलीकॉप्टर मौजूद हैं, जो पश्चिमी सीमाओं पर सक्रिय हैं।
सेना का कहना है कि ये हेलीकॉप्टर उसकी आर्मी एविएशन विंग को आधुनिक स्वरूप देंगे और युद्ध स्थितियों में “फोर्स मल्टीप्लायर” की भूमिका निभाएंगे।
