उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे की खबर से सियासी हलचल तेज, कांग्रेस ने उठाए सवाल, केंद्र सरकार की चुप्पी बनी रहस्य

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे की खबरों ने देश की सियासत में हलचल मचा दी है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर तेज हो गया है। सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, जिससे मामला और रहस्यमय बनता जा रहा है।

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नई दिल्ली। भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे की खबर ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला जरूर दिया है, लेकिन विपक्ष, खासकर कांग्रेस, इस तर्क को स्वीकार करने को तैयार नहीं है। कांग्रेस का मानना है कि इस्तीफे के पीछे कोई गहरा राजनीतिक घटनाक्रम छिपा हुआ है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक बयान में दावा किया कि बुधवार को दोपहर 12:30 बजे उपराष्ट्रपति ने राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें नेता सदन जे.पी. नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी मौजूद थे। उसी दिन शाम 4:30 बजे दोबारा बैठक निर्धारित की गई, लेकिन इस बार दोनों वरिष्ठ मंत्री अनुपस्थित रहे। जयराम रमेश के अनुसार, उपराष्ट्रपति को इस अनुपस्थिति की कोई पूर्व जानकारी नहीं दी गई, जो उनकी गरिमा और पद की अवहेलना मानी जा सकती है।

धनखड़ ने इस व्यवहार पर आपत्ति दर्ज कराते हुए बैठक को अगले दिन के लिए स्थगित कर दिया। कांग्रेस का आरोप है कि दोपहर से शाम के बीच कुछ ऐसा हुआ जिसने परिस्थितियों को पूरी तरह बदल दिया, और यही इस्तीफे की असली वजह हो सकती है।

जगदीप धनखड़ को 2014 के बाद के भारत में लोकतांत्रिक मूल्यों, किसान हितों और न्यायपालिका की जवाबदेही के मुद्दों पर खुलकर बोलने के लिए जाना जाता रहा है। उन्होंने हमेशा संसदीय गरिमा और प्रक्रियात्मक शुचिता की वकालत की है। विपक्ष को पर्याप्त सम्मान देने और सत्ता पक्ष के दबावों के बावजूद संतुलन बनाने की उनकी कोशिशें चर्चा में रही हैं।

उनका इस्तीफा न केवल एक संवैधानिक पद से विदाई है, बल्कि उनके आत्मसम्मान और सिद्धांतों के प्रति निष्ठा का संकेत भी माना जा रहा है। कांग्रेस का मानना है कि यह घटनाक्रम उन लोगों के लिए एक संदेश है जिन्होंने उन्हें इस उच्च पद तक पहुंचाया था, लेकिन अब उन्हें नज़रअंदाज किया जा रहा था।

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