बीजापुर मुठभेड़: 17 लाख के इनामी 4 नक्सली ढेर, ऑपरेशन मानसून में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता
बीजापुर के बासागुड़ा-गंगलूर सीमा क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 17 लाख के इनामी चार हार्डकोर नक्सली मारे गए। बरामद हुए हथियारों में SLR, INSAS, BGL लॉन्चर और ग्रेनेड शामिल। ऑपरेशन मानसून के तहत लगातार जारी है सुरक्षाबलों की मुहिम।
📍 बासागुड़ा–गंगलूर जंगलों में चला घंटों लंबा ऑपरेशन, भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद
बीजापुर, 27 जुलाई 2025 | संवाददाता – MPTnews.in
बीजापुर जिले के बासागुड़ा और गंगलूर थाना क्षेत्र के सरहदी घने जंगलों में रविवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए कुल 17 लाख रुपये के इनामी चार हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया। मारे गए नक्सलियों में दो महिलाएं भी शामिल थीं।
मुठभेड़ उस समय हुई जब District Reserve Guard (DRG) की टीम को खुफिया सूत्रों से इन नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली। अभियान को ‘ऑपरेशन मानसून’ के तहत अंजाम दिया गया था, जो बस्तर अंचल में बरसात के दौरान भी नक्सली गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए चलाया जा रहा है।
मारे गए नक्सलियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
हुंगा – प्लाटून क्रमांक 10 का सक्रिय सदस्य, ₹5 लाख का इनामी लखके – प्लाटून क्रमांक 30 का सक्रिय सदस्य, ₹5 लाख का इनामी भीमे – सक्रिय माओवादी, ₹5 लाख का इनामी निहाल उर्फ राहुल – माओवादी कम्युनिकेशन टीम का सदस्य, ₹2 लाख का इनामी
ये सभी माओवादी दक्षिण सब-ज़ोनल ब्यूरो से जुड़े खतरनाक और प्रशिक्षित सदस्य थे, जो क्षेत्र में हिंसा और युवाओं को संगठन में जोड़ने जैसे कार्यों में संलिप्त थे।
बरामद हुए हथियार व विस्फोटक सामग्री:
मुठभेड़ स्थल से सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में घातक हथियार और विस्फोटक जब्त किए, जिनमें शामिल हैं:

SLR राइफल, INSAS राइफल, .303 राइफल, BGL लॉन्चर, .315 बोर राइफल, 12-बोर बंदूक, AK-47 के राउंड्स, ग्रेनेड, विस्फोटक, और भारी मात्रा में नक्सली साहित्य।
मानव चेहरा: जंगलों में डटे जवान, ग्रामीणों ने जताया आभार
इस कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने न सिर्फ नक्सलियों को मार गिराया, बल्कि आस-पास के ग्रामीण इलाकों में फैले डर के माहौल को भी कम किया है। स्थानीय ग्रामीणों ने सुरक्षाबलों का आभार जताते हुए कहा कि अब वे खुद को पहले से ज़्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
एक ग्रामीण ने बताया,
“इन जंगलों में हमारी रातें डर के साए में गुजरती थीं। आज जवानों ने हमें भरोसा दिलाया है कि कानून अब हर झाड़ी के पीछे खड़ा है।”
सुरक्षा अधिकारियों की प्रतिक्रिया
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने जानकारी देते हुए कहा कि यह मुठभेड़ रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की मौजूदगी और सक्रियता के चलते अब नक्सलियों का नेटवर्क टूट रहा है।
“बरसात की कठिन परिस्थितियों में भी जवानों ने न सिर्फ साहस दिखाया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि छत्तीसगढ़ की धरती अब हिंसा की नहीं, विश्वास और विकास की बन रही है,”
– सुंदरराज पी., IG, बस्तर रेंज
निष्कर्ष
यह कार्रवाई न केवल एक बड़ी सुरक्षा उपलब्धि है, बल्कि बस्तर के आदिवासी क्षेत्रों में शांति स्थापना की दिशा में उठाया गया एक ठोस कदम भी है। राज्य सरकार और सुरक्षाबलों की संयुक्त रणनीति अब स्पष्ट रूप से रंग ला रही है। ऑपरेशन मानसून के अंतर्गत आने वाले दिनों में और भी सर्च ऑपरेशनों की संभावना है।
