दिल्ली से दबोचा गया रायगढ़ का शातिर वारंटी लक्ष्मेश्वर ठाकुर, 10 मामलों में था फरार – पुलिस टीम ने दिखाई दबंगई

रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रहा वारंटी लक्ष्मेश्वर ठाकुर नई दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी पर ठगी सहित 10 मामले दर्ज हैं और वह पुलिस को कई बार चकमा देकर फरार हो जाता था।

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रायगढ़, 27 अगस्त। पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग कुमार पटेल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज के मार्गदर्शन में रायगढ़ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। कोतवाली पुलिस की विशेष टीम ने नई दिल्ली के मयूर विहार इलाके से फरार वारंटी लक्ष्मेश्वर ठाकुर को गिरफ्तार कर रायगढ़ लाया है।

लक्ष्मेश्वर ठाकुर के खिलाफ 10 परिवाद न्यायालय रायगढ़ में लंबित हैं, जिनमें से 01 जमानतीय और 09 गैर-जमानतीय वारंट जारी किए गए थे। न्यायालय द्वारा 07 अगस्त 2025 को वारंट तामिली हेतु पुलिस अधीक्षक रायगढ़ को आदेश दिए गए थे, जिसके बाद थाना प्रभारी कोतवाली सुखनंदन पटेल को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

22 अगस्त को उप निरीक्षक दिलीप कुमार बेहरा के नेतृत्व में पुलिस टीम दिल्ली रवाना हुई। तकनीकी निगरानी और साइबर ट्रैकिंग के माध्यम से आरोपी की लोकेशन का पता लगाया गया। इसके बाद 25 अगस्त की देर रात, दिल्ली पुलिस की मदद से छापा मारकर आरोपी को पकड़ा गया।

27 अगस्त को आरोपी को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रायगढ़ श्री प्रवीण मिश्रा की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

गौरतलब है कि लक्ष्मेश्वर ठाकुर, दिल्ली निवासी होकर, एक तथाकथित इन्वेस्टमेंट कंपनी के माध्यम से 30% त्रैमासिक लाभ का लालच देकर ठगी करता था। रायगढ़ के एक व्यवसायी से ठगी का मामला (अपराध क्रमांक 656/2020, धारा 406, 420 भादवि) पहले से दर्ज है और न्यायालय में लंबित है।

इस कार्रवाई में थाना कोतवाली प्रभारी सुखनंदन पटेल, उप निरीक्षक दिलीप कुमार बेहरा, प्रधान आरक्षक श्रीराम साहू, आरक्षक मुरली मनोहर पटेल और साइबर सेल के आरक्षक धनंजय कश्यप की सराहनीय भूमिका रही।

इस गिरफ्तारी से रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि फरार वारंटियों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई होगी और किसी भी आरोपी को कानून से बच निकलने का मौका नहीं मिलेगा।

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