पुलिस पर आरोप: बारिश में महिला को अपमानित कर गेट से धक्का देने की शिकायत
एक स्थानीय महिला की ओर से दी गई शिकायत में आरोप आया है कि भारी बारिश के दौरान थाने से जुड़ी एक खाली गाड़ी को अंदर जाने देने के लिए उसे शेल्टर में खड़े होने के बावजूद अपमानित किया गया और गेट से धक्का दे कर बाहर खड़ा कर दिया गया। पीड़िता ने बताया कि महिला होने के कारण भी किसी तरह की सहानुभूति नहीं दिखाई गई और उसे बरसात में खड़े रहने के लिए मजबूर किया गया।
घटना के संबंध में पीड़िता ने बताया कि जब उन्होंने शेल्टर में सुरक्षित खड़े रहने का अनुरोध किया तो एक अधिकारी/कर्मचारी ने अनुचित व्यवहार किया और उन्हें धक्का देकर बाहर निकाल दिया। पीड़िता ने यह भी कहा कि पास की एक खाली गाड़ी को अंदर ले जाने के लिए यह कठोर व्यवहार किया गया।
शिकायत मिलने पर स्थानीय नागरिकों ने घटना की निन्दा की है और मांग की है कि इस तरह के व्यवहार की निष्पक्ष जांच हो। कई लोगों ने कहा कि सुरक्षा और सहानुभूति पुलिस की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए, खासकर बारिश जैसे कठिन हालात में किसी की मानव गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए।
इस रिपोर्ट के प्रकाशन से पहले समाचार टीम ने संबंधित थाना/पुलिस प्रशासन तक इस शिकायत का संदर्भ भेजकर प्रतिक्रिया मांगी — उत्तर मिलने पर उसे प्रकाशित किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर उपयुक्त विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग उठायी जा रही है।
