नकली DEF (यूरिया) रैकेट का भंडाफोड़, साइबर सेल और चिचोला पुलिस की बड़ी कार्रवाई
राजनांदगांव जिले के चिचोला क्षेत्र में साइबर सेल और चिचोला पुलिस ने नकली DEF (डिज़ल एग्जॉस्ट फ्लूइड) यानी यूरिया के अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग Mahindra Oil, Tata Motors और Gulf Oil Lubricants के नाम पर फर्जी होलोग्राम और स्टिकर लगाकर नकली DEF बेच रहे हैं और कंपनियों के नाम से अवैध मुनाफा कमा रहे हैं।
सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में संयुक्त टीम ने पाटेकोहरा गांव, जुम्मन ढाबा के पास स्थित एक भवन पर छापेमारी की। मौके पर मुख्य आरोपी अतीक खान उर्फ जुम्मन खान मौजूद नहीं मिला, लेकिन वहां से एक युवक ईशु यादव को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उत्तर प्रदेश से लाए गए 147 ड्रम (प्रत्येक 20 लीटर) में भरा करीब 2940 लीटर नकली DEF (यूरिया) बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 1.92 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस ने मौके पर आरोपी से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन यूरिया के भंडारण, बिक्री और परिवहन से जुड़ा कोई भी कानूनी कागजात प्रस्तुत नहीं किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि उत्पाद पर लगी सभी स्टिकर और होलोग्राम नकली थे, जिनका इस्तेमाल कंपनियों को धोखा देने और ग्राहकों से अवैध रूप से पैसा वसूलने के लिए किया जा रहा था।
इस मामले में ईशु यादव को आवश्यक धाराओं के तहत गिरफ्तार कर डोंगरगढ़ न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं मुख्य आरोपी अतीक खान उर्फ जुम्मन खान की तलाश लगातार जारी है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की नकली ऑटोमोबाइल केमिकल और DEF की बिक्री न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि वाहनों और पर्यावरण दोनों के लिए खतरनाक भी है। जिले में इस तरह की गतिविधियों पर सख्त निगरानी जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
