अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गैंग का भंडाफोड़, फरसगांव पुलिस ने दिल्ली-UP से 7 आरोपी दबोचे
छत्तीसगढ़ के थाना फरसगांव पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने दिल्ली, गाजियाबाद और उत्तर प्रदेश से कुल 7 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बीमा क्लेम और शेयर बाजार में फंड दिलाने के नाम पर लोगों से करोड़ों की ठगी कर रहा था।
फरसगांव निवासी शंकरलाल राणा से आरोपियों ने स्वयं को बीमा लोकपाल परिषद का एजेंट बताकर संपर्क किया और बीएसई स्टॉक एक्सचेंज में करोड़ों रुपये का फंड होने का झांसा दिया। प्रोसेसिंग फीस और दस्तावेज प्रक्रिया के नाम पर करीब 29,69,673 रुपये विभिन्न किश्तों में म्यूल बैंक खातों में जमा करवाकर ठगी की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कोंडागांव श्री पंकज चन्द्रा एवं प्रभारी पुलिस अधीक्षक श्री आकाश श्रीश्रीमाल के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। एसडीओपी फरसगांव श्री अभिनव उपाध्याय के नेतृत्व में टीम ने लगातार तकनीकी विश्लेषण, म्यूल सिम और बैंक खातों की जांच करते हुए करीब दो माह तक आरोपियों की तलाश की।
विशेष टीम 10 दिनों तक दिल्ली में रहकर कार्रवाई करती रही। पुलिस पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी अंडरग्राउंड हो गए, लेकिन सीडीआर लोकेशन, बैंक डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया।
जांच में सामने आया कि गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर म्यूल अकाउंट तैयार करता था। आधार और मोबाइल नंबर बदलवाकर एटीएम, चेकबुक और सिम अपने कब्जे में रखे जाते थे ताकि ठगी की रकम तुरंत निकालकर बांटी जा सके। मुख्य आरोपी रजा पहले भी साइबर अपराधों में जेल जा चुका है और गैंग को पुलिस से बचने के तरीके सिखाता था।
आरोपी पिछले 6-7 वर्षों से देशभर में ऑनलाइन ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। फरसगांव पुलिस ने पहली बार इस नेटवर्क के मुख्य साजिशकर्ता और मुख्य कॉलर तक पहुंचकर कार्रवाई की है। सभी आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लाकर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
