हथियार लेकर खदान में घुसे चोर गिरफ्तार! शिवानी भूमिगत खान से कॉपर केबल चोरी का सनसनीखेज खुलासा
शिवानी भूमिगत खान में हथियारों के साथ घुसकर लाखों रुपये का कॉपर केबल तार चोरी करने वाले गिरोह का थाना भटगांव पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 70 मीटर कॉपर केबल तार (कीमत लगभग 2 लाख 50 हजार रुपये) तथा घटना में प्रयुक्त तलवार व तब्बल भी जब्त किया है।

खदान प्रबंधक चन्द्रकांत सोनवानी ने 24 अप्रैल 2026 को थाना भटगांव में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 20 अप्रैल की सुबह प्रतिबंधित क्षेत्र में अज्ञात आरोपी हथियारों के साथ खदान के अंदर घुस गए और आईडीएलई स्पेयर में रखा तांबे का कॉपर केबल काटकर चोरी कर ले गए। पूरी घटना खदान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई।
हथियारबंद आरोपियों के कारण ड्यूटी में तैनात सुरक्षा गार्ड उन्हें रोक नहीं सके। मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 84/2026 के तहत धारा 307, 3(5) बीएनएस एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत अपराध दर्ज किया।
डीआईजी एवं एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर पुलिस टीम ने जांच तेज करते हुए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध नरेन्द्र सिंह उर्फ पण्डा को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार किया।
आरोपी ने खुलासा किया कि चोरी से पहले खदान में रखे कॉपर केबल की पूरी जानकारी प्राइवेट ठेकेदार के यहां काम करने वाले धनु सिंह ने उपलब्ध कराई थी। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को दबिश देकर गिरफ्तार किया और जंगल किनारे छिपाकर रखा चोरी का सामान बरामद कर लिया।
पुलिस ने सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है, जबकि एक अन्य आरोपी फरार है जिसकी तलाश जारी है।
👮 गिरफ्तार आरोपी
- नरेन्द्र सिंह उर्फ पण्डा (25 वर्ष) – कुम्दा बस्ती, थाना विश्रामपुर
- रवि उर्फ चरण अगरिया (22 वर्ष) – ग्राम कसकेला, थाना जयनगर
- कमलेश सिंह (22 वर्ष) – कुम्दा बस्ती, थाना विश्रामपुर
- घुरलू उर्फ घुल्डू पैंकरा (25 वर्ष) – माझापारा कसकेला, थाना जयनगर
- बल्लू सिंह (28 वर्ष) – कुम्दा बस्ती, थाना विश्रामपुर
- दिनेश सिंह (26 वर्ष) – कुम्दा बस्ती, थाना विश्रामपुर
- धनु सिंह (35 वर्ष) – ग्राम बंशीपुर, थाना भटगांव
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी मनोज सिंह, एएसआई राजकिशोर खलखो, सिक्योरिटी ऑफिसर नागेंद्र सिंह एवं थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
