“ऑपरेशन शंखनाद” का बड़ा असर: कुख्यात गौ तस्कर रब्बुल खान ने किया सरेंडर, रायगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता
रायगढ़ जिले में गौ तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत छत्तीसगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लगातार पुलिस दबाव और सख्त कार्रवाई के चलते कुख्यात गौवंश तस्कर रब्बुल खान ने आखिरकार सरेंडर कर दिया।

पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान का असर यह रहा कि लंबे समय से फरार चल रहा आरोपी गिरफ्तारी से बचने में असफल रहा और लैलूंगा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करना पड़ा। सरेंडर के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रब्बुल खान के खिलाफ वर्ष 2023 में एक तथा वर्ष 2026 में दो गौ तस्करी से संबंधित मामले दर्ज हैं। फरवरी माह में लैलूंगा पुलिस ने उसके गिरोह के सदस्य देवानंद यादव को 16 गौवंश के साथ गिरफ्तार किया था, जिन्हें ओडिशा ले जाया जा रहा था। पूछताछ में रब्बुल खान की मुख्य भूमिका सामने आने के बाद से वह फरार था।
लगातार पतासाजी, दबिश और अभियान के दबाव में आरोपी के छिपने के सभी ठिकाने खत्म हो गए, जिसके बाद उसने सरेंडर कर दिया। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी ने गौ तस्करी छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की इच्छा भी जताई।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत गौ तस्करों के पास अब केवल दो ही विकल्प हैं—सरेंडर या कानून की गिरफ्त।
रायगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई अपराध नियंत्रण के साथ-साथ अपराधियों के पुनर्वास की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
