नक्सल मुक्त होने के बाद गरियाबंद में पहली बार DGP का सरप्राइज निरीक्षण, देवभोग थाने पहुंचकर दिए बड़े निर्देश
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम ने 1 मई 2026 को नक्सल मुक्त घोषित होने के बाद पहली बार गरियाबंद जिले का सरप्राइज निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जिले के सबसे संवेदनशील और पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पुलिस व्यवस्था का जायजा लिया तथा अधिकारियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए।

DGP गौतम विशेष रूप से जिले के पूर्वी छोर पर स्थित अत्यंत दूरस्थ देवभोग थाना पहुंचे, जहां उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, पुलिसिंग प्रणाली और जनसेवा से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। लंबे समय तक नक्सल प्रभाव झेल चुके इलाके में अब शांति स्थापित होने पर उन्होंने पुलिस बल का मनोबल बढ़ाया।
निरीक्षण के दौरान DGP ने अधिकारियों और जवानों से संवाद करते हुए कहा कि नक्सल मुक्त वातावरण में पुलिस की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने जनता को बेहतर पुलिस सेवा उपलब्ध कराने, विश्वास बढ़ाने और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र कुमार पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करण कुमार उइके सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
DGP के इस आकस्मिक निरीक्षण को नक्सल मुक्त हुए गरियाबंद जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




