31 मई को छत्तीसगढ़ पुलिस का जनहित मिशन: नशामुक्ति अभियान से साइबर कार्रवाई तक, जनता की सुरक्षा के लिए कई बड़े कदम
रायपुर। 31 मई 2026 को छत्तीसगढ़ पुलिस ने प्रदेशभर में जनता की सुरक्षा, जागरूकता और समाज कल्याण को केंद्र में रखते हुए कई महत्वपूर्ण पहल और कार्रवाइयां संचालित कीं। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर नशामुक्ति जागरूकता अभियान चलाने से लेकर साइबर अपराध और डिजिटल पायरेसी के खिलाफ कार्रवाई तक, पुलिस विभाग विभिन्न स्तरों पर सक्रिय नजर आया।
प्रदेशभर में आयोजित विशेष जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान नागरिकों को तंबाकू और नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में भागीदारी निभाने का संदेश दिया।
इसी दिन साइबर अपराधों और अवैध डिजिटल नेटवर्क पर भी पुलिस का शिकंजा कसता दिखाई दिया। साइबर सेल और स्थानीय पुलिस टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए अवैध IPTV नेटवर्क के खिलाफ छापेमारी की। पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियां आम उपभोक्ताओं को धोखे में रखकर अवैध सेवाएं उपलब्ध कराती हैं, जिससे राजस्व और कॉपीराइट नियमों का उल्लंघन होता है।
वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत विभिन्न जिलों में समाधान शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के त्वरित निराकरण के प्रयास किए। इससे जनता और प्रशासन के बीच संवाद को भी मजबूती मिली।
अपराध नियंत्रण के मोर्चे पर भी पुलिस ने सख्त रुख अपनाया। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में आदतन अपराधियों के खिलाफ जिला बदर जैसी कार्रवाई कर कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने का संदेश दिया गया। पुलिस का उद्देश्य आम नागरिकों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना और अपराधियों में कानून का भय कायम रखना है।
छत्तीसगढ़ पुलिस की इन पहलों ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि आधुनिक पुलिसिंग केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि जनजागरूकता, साइबर सुरक्षा, सामाजिक सुधार और नागरिक हितों की रक्षा भी उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
