ऑपरेशन मुस्कान के तहत 36 घंटे में नाबालिग की सकुशल बरामदगी, ग्वालियर कोतवाली पुलिस की तत्परता लाई रंग
ग्वालियर। गुमशुदा और अपहृत बच्चों की सुरक्षित बरामदगी के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान के तहत ग्वालियर की कोतवाली पुलिस ने सराहनीय कार्रवाई करते हुए एक 12 वर्षीय नाबालिग बालक को महज 36 घंटे के भीतर उत्तर प्रदेश के बांदा से सकुशल दस्तयाब कर परिजनों को राहत दी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के निर्देशन में जिलेभर में गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में उरवाई गेट क्षेत्र की रहने वाली महिला ने अपने 12 वर्षीय भाई के लापता होने की रिपोर्ट थाना कोतवाली में दर्ज कराई थी। बालक गुजरात के जामनगर से अपने रिश्तेदारों के यहां आया था और शहर के बड़ा क्षेत्र में घूमने के दौरान अचानक लापता हो गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और संभावित स्थानों पर लगातार तलाश अभियान चलाया।
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि नाबालिग बालक उत्तर प्रदेश के बांदा में देखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल बांदा रवाना हुई और रेलवे प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर घूम रहे बालक को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया। इसके बाद उसे ग्वालियर लाकर परिजनों को सूचना दी गई और सुरक्षित सुपुर्द किया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बालक के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया कि समय पर की गई पुलिस कार्रवाई कई परिवारों की खुशियां वापस ला सकती है।
ऑपरेशन मुस्कान केवल गुमशुदा बच्चों की तलाश का अभियान नहीं, बल्कि बिछड़े हुए रिश्तों को फिर से जोड़ने का मानवीय प्रयास है। ग्वालियर पुलिस की यह सफलता पुलिस की संवेदनशीलता, तकनीकी दक्षता और त्वरित कार्यशैली का उत्कृष्ट उदाहरण है।
