सुकमा पुलिस की साइबर चौपाल: ग्रामीणों को डिजिटल ठगी से बचने का दिया प्रशिक्षण, 1930 और Cyber Portal की बताई उपयोगिता

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सुकमा। बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से थाना कोंटा पुलिस ने ग्राम फंदीगुड़ा में व्यापक साइबर जागरूकता चौपाल का आयोजन किया। इस दौरान ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों को ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों से बचाव, साइबर हेल्पलाइन 1930 और National Cyber Crime Reporting Portal के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई।

पुलिस अधीक्षक श्री मयंक गुर्जर (IPS) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोंटा श्री मनोज तिर्की के मार्गदर्शन में एसडीओपी कोंटा डॉ. प्रशांत देवांगन और थाना कोंटा पुलिस की टीम ने ग्राम फंदीगुड़ा, इंजरम तथा आसपास के ग्रामीणों के लिए यह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।

चौपाल में नागरिकों को फेक लिंक, APK फ्रॉड, ऑनलाइन लोन स्कैम, इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग फ्रॉड, सेक्सटॉर्शन, डिजिटल अरेस्ट, मनी म्यूलिंग सहित विभिन्न साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही लोगों को संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने, अनजान व्यक्तियों के साथ बैंकिंग या ओटीपी संबंधी जानकारी साझा नहीं करने और सतर्क रहने की सलाह दी गई।

कार्यक्रम के दौरान साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने तथा cybercrime.gov.in पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की पूरी प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रदर्शन भी किया गया। महिलाओं और बच्चों से जुड़े सोशल मीडिया आधारित साइबर अपराधों की शिकायत STOPNCII प्लेटफॉर्म के माध्यम से दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई।

इसके अलावा संचार साथी (Sanchar Saathi) पोर्टल के जरिए गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक कराने, शिकायत दर्ज करने और अपने नाम पर जारी मोबाइल सिम कार्डों की जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध की स्थिति में जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराई जाती है, ठगी गई राशि की रिकवरी की संभावना उतनी ही अधिक रहती है। सुकमा पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि किसी भी साइबर धोखाधड़ी की सूचना तुरंत पुलिस और साइबर हेल्पलाइन को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

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