गरियाबंद में पेंशनर्स के लिए साइबर जागृति अभियान, पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी से बचने के बताए तरीके

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गरियाबंद। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा पूरे प्रदेश में चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तहत गरियाबंद पुलिस ने जिले के वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनभोगियों के लिए विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में पेंशनर्स को बढ़ते साइबर अपराध, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और ठगी से बचाव के प्रभावी उपायों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का आयोजन पुलिस अधीक्षक गरियाबंद वेदव्रत सिरमौर के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कर्ण कुमार उइके, अनुविभागीय अधिकारी गरियाबंद निषा सिन्हा सहित बैंक के अधिकारी और साइबर सेल की विशेषज्ञ टीम मौजूद रही। जिले के बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों एवं पेंशनभोगियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

वरिष्ठ नागरिक साइबर ठगों के निशाने पर

कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि सेवानिवृत्त कर्मचारी और वरिष्ठ नागरिक अपनी जीवनभर की जमा पूंजी, पेंशन और फंड के कारण अक्सर साइबर अपराधियों के निशाने पर रहते हैं। साइबर ठग तकनीकी जानकारी की कमी का फायदा उठाकर उन्हें ठगी का शिकार बनाने का प्रयास करते हैं।

वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी बैंक अधिकारी बनकर कॉल करने और जीवन प्रमाण पत्र अपडेट करने के नाम पर होने वाली ठगी के बारे में विशेष रूप से जानकारी दी गई।

लघुफिल्म और केस स्टडी से समझाया साइबर फ्रॉड

कार्यशाला के दौरान साइबर सेल की विशेषज्ञ टीम ने प्रोजेक्टर के माध्यम से लघुफिल्म और वास्तविक घटनाओं पर आधारित केस स्टडी दिखाकर पेंशनर्स को साइबर अपराधों के तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाता नंबर, एटीएम पिन, यूपीआई पिन या मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी साझा नहीं करना चाहिए। बैंक कभी भी फोन पर इस तरह की गोपनीय जानकारी नहीं मांगता।

वरिष्ठ नागरिकों से कहा गया कि पुलिस, सीबीआई या ईडी के नाम पर वीडियो कॉल के जरिए डराने या गिरफ्तारी का भय दिखाकर पैसे मांगने वालों के झांसे में न आएं। किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा फोन पर गिरफ्तारी या पैसे की मांग नहीं की जाती।

संदिग्ध लिंक और अनजान ऐप से रहें सावधान

पुलिस ने व्हाट्सऐप और एसएमएस के जरिए आने वाले संदिग्ध लिंक, लॉटरी अथवा इनाम से जुड़े लिंक पर क्लिक नहीं करने की सलाह दी। साथ ही किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई संदिग्ध ऐप डाउनलोड नहीं करने के लिए भी जागरूक किया गया।

पेंशन, लाइफ सर्टिफिकेट, पेंशन शुरू रखने या अपडेट करने के नाम पर आने वाले फर्जी कॉल से भी सावधान रहने की अपील की गई। ऐसे मामलों में संबंधित बैंक शाखा या ट्रेजरी कार्यालय से सीधे संपर्क करने की सलाह दी गई।

ठगी होने पर 1930 पर तुरंत करें शिकायत

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने वरिष्ठ नागरिकों से अपील की कि यदि वे किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होते हैं तो बिना डर या झिझक के तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही नजदीकी थाना या साइबर सेल से भी संपर्क करें।

पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी के बाद शुरुआती समय में की गई शिकायत बेहद महत्वपूर्ण होती है। ठगी के शुरुआती 1-2 घंटे में सूचना मिलने पर संबंधित राशि को अपराधियों के खाते में होल्ड कराने की संभावना बढ़ जाती है।

कार्यक्रम के अंत में गरियाबंद पुलिस ने सभी पेंशनर्स से साइबर जागरूकता का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की। इस दौरान सेल्फी फ्रेम में फोटो खिंचवाकर उसे सोशल मीडिया पर साझा करने के लिए भी प्रेरित किया गया।

वरिष्ठ नागरिकों ने गरियाबंद पुलिस की इस संवेदनशील और उपयोगी पहल की सराहना की तथा भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने का आग्रह किया।

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