पुलिस के शौर्य को सलाम! 1,057 जवानों को मिले वीरता और सेवा पदक, छत्तीसगढ़ के 141 पुलिसकर्मियों का भी बढ़ा मान
नई दिल्ली। देश की आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ अभियानों से लेकर कानून व्यवस्था और जनसेवा तक पुलिस एवं सुरक्षा बलों के जवान लगातार अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर ऐसे ही साहस, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट सेवा को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इस वर्ष 1,057 पुलिस, अग्निशमन, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा और अन्य सुरक्षा कर्मियों को वीरता एवं सेवा पदकों से सम्मानित किया गया। इनमें 197 कर्मियों को वीरता पदक नक्सलवाद और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े अभियानों में अदम्य साहस के लिए दिए गए, जबकि जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियानों और नागरिकों की सुरक्षा में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले 51 पुलिसकर्मियों को भी वीरता पदक से सम्मानित किया गया।
नक्सल मोर्चे पर पुलिस के साहस को सलाम
देश के वामपंथी उग्रवाद प्रभावित इलाकों में पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान लगातार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अभियान चला रहे हैं। जंगलों और संवेदनशील क्षेत्रों में जान जोखिम में डालकर चलाए गए अभियानों में जवानों ने न केवल उग्रवादियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी।
इसी साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए बड़ी संख्या में जवानों को वीरता पदक देकर उनके योगदान को सम्मानित किया गया है।
छत्तीसगढ़ पुलिस के 141 जवानों को वीरता पदक
इस सम्मान सूची में छत्तीसगढ़ पुलिस का प्रदर्शन बेहद उल्लेखनीय रहा। राज्य के 141 पुलिसकर्मियों को वीरता पदक प्रदान किए गए हैं। इसके अलावा 10 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सराहनीय सेवा पदक के लिए भी चुना गया।
नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में लंबे समय से चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम कर रहे पुलिस जवानों के साहस और समर्पण को इस सम्मान के माध्यम से राष्ट्रीय पहचान मिली है।
बस्तर फाइटर्स के 35 जवानों का भी सम्मान
छत्तीसगढ़ के बस्तर फाइटर्स ने भी नक्सल विरोधी अभियानों और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बस्तर फाइटर्स के 35 स्थानीय कांस्टेबलों को उनकी बहादुरी और जनता की सुरक्षा में योगदान के लिए वीरता पदक से सम्मानित किया गया।
इनमें ऐसे स्थानीय युवा भी शामिल हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद पुलिस बल का हिस्सा बनकर अपने क्षेत्र में शांति और सुरक्षा स्थापित करने में योगदान दिया।
तीन जवानों को मरणोपरांत वीरता पदक
इस वर्ष वीरता पदकों में उन जवानों का बलिदान भी याद किया गया जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
छत्तीसगढ़ पुलिस के दिवंगत कांस्टेबल नितेश एक्का और रमेश कोरेटी तथा उत्तर प्रदेश पुलिस के दिवंगत इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मरणोपरांत वीरता पदक प्रदान किया गया। इन पुलिसकर्मियों ने कर्तव्य के दौरान अदम्य साहस का परिचय देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।
दिल्ली पुलिस के 17 कर्मियों को सम्मान
वीरता के साथ-साथ आधुनिक पुलिसिंग, साइबर अपराध नियंत्रण, जांच और डिजिटलीकरण के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले पुलिसकर्मियों को भी सम्मानित किया गया।
दिल्ली पुलिस के 17 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मेधावी सेवा पदक प्रदान किए गए। इनमें साइबर अपराध की रोकथाम, केस इन्वेस्टिगेशन, पुलिसिंग में तकनीक के इस्तेमाल और नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कर्मी शामिल हैं।
पंजाब और चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारियों को भी सम्मान
पंजाब पुलिस के 12 अधिकारियों को उनकी उत्कृष्ट सेवा, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए सम्मानित किया गया। वहीं चंडीगढ़ पुलिस के सब-इंस्पेक्टर भारत सिंह को भी जनहित और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए मेधावी सेवा पदक दिया गया।
बम निरोधक दस्तों की भूमिका भी रही अहम
आंतरिक सुरक्षा के साथ-साथ बम निरोधक दस्तों और आपदा प्रबंधन से जुड़े पुलिसकर्मियों ने भी कई चुनौतीपूर्ण अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
झारखंड सहित विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस के बम निरोधक दस्तों ने जंगलों और जोखिम वाले इलाकों में अभियान चलाकर IED और विस्फोटकों को निष्क्रिय किया, जिससे आम नागरिकों और सार्वजनिक संपत्ति को संभावित नुकसान से बचाया जा सका।
स्वतंत्रता दिवस पर सम्मान ने बढ़ाया पुलिस बल का हौसला
स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए ये पदक केवल सम्मान नहीं, बल्कि उन हजारों पुलिसकर्मियों के साहस और समर्पण की पहचान हैं जो देश की सुरक्षा के लिए हर परिस्थिति में डटे रहते हैं।
नक्सल प्रभावित जंगलों से लेकर आतंकवाद विरोधी अभियानों, साइबर अपराध की रोकथाम, बम निरोधक कार्रवाई और जनसेवा तक पुलिसकर्मियों की भूमिका लगातार व्यापक होती जा रही है। 1,057 कर्मियों का सम्मान देश की सुरक्षा व्यवस्था में उनके योगदान को सलाम करने के साथ-साथ अन्य जवानों के लिए भी प्रेरणा का संदेश है।
खास तौर पर छत्तीसगढ़ पुलिस के 141 वीरता पदक यह बताते हैं कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात जवान किस तरह लगातार जोखिम उठाकर देश और प्रदेश की सुरक्षा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
