हिसार के गांव से IIT दिल्ली और ISRO तक पहुंचीं जया शर्मा, DSP के बाद UPSC क्रैक कर बनीं IPS अधिकारी
नई दिल्ली। हरियाणा के हिसार जिले के छोटे से गांव से निकलकर IIT दिल्ली और ISRO तक पहुंचने वाली जया शर्मा ने सिविल सेवा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। पढ़ाई और रिसर्च के बाद उन्होंने हरियाणा लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर DSP का पद हासिल किया और इसके बाद UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त कर IPS अधिकारी बनीं।
गांव से IIT दिल्ली तक का सफर
जया शर्मा का जन्म 3 अप्रैल 1997 को हरियाणा के हिसार जिले के बड़वा गांव में हुआ। उनके पिता प्रमोद शर्मा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में DFSC के पद पर सेवा दे चुके हैं, जबकि उनकी मां नीतू शर्मा गृहिणी हैं।
जया ने हिसार के विद्या देवी जिंदल स्कूल से शुरुआती शिक्षा पूरी करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्होंने IIT दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई के दौरान उन्होंने देश की अंतरिक्ष एजेंसी ISRO के एक रिसर्च प्रोजेक्ट पर भी काम किया।
शुरुआती असफलताओं के बावजूद नहीं मानी हार
सिविल सेवा की तैयारी के दौरान जया शर्मा को शुरुआती प्रयासों में असफलता का सामना करना पड़ा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह दो बार UPSC प्रीलिम्स भी पास नहीं कर सकीं।
हालांकि उन्होंने असफलताओं से पीछे हटने के बजाय अपनी तैयारी और कमियों का विश्लेषण किया। लगातार मेहनत और धैर्य के साथ उन्होंने आगे की परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी।
HPSC में 8वीं रैंक से बनीं DSP
UPSC में सफलता से पहले जया शर्मा ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल की। उन्होंने राज्य में 8वीं रैंक प्राप्त की और DSP के पद पर चयनित हुईं।
UPSC CSE 2023 का परिणाम आने के समय वह हरियाणा पुलिस में अंडर-ट्रेनी DSP के रूप में सेवाएं दे रही थीं। इसके बाद उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 248वीं रैंक हासिल की और IPS के रूप में चयनित हुईं।
युवाओं के लिए क्या संदेश देती है उनकी कहानी?
जया शर्मा का सफर शिक्षा, रिसर्च, पुलिस सेवा और सिविल सेवा के अलग-अलग पड़ावों से होकर गुजरा है। शुरुआती असफलताओं के बावजूद लगातार प्रयास जारी रखना उनके सफर की खास बात रही।
IIT दिल्ली की पढ़ाई और ISRO के रिसर्च प्रोजेक्ट से लेकर DSP और फिर IPS अधिकारी बनने तक का उनका सफर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मेहनत, धैर्य और निरंतर प्रयास का उदाहरण पेश करता है।
