पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को नमन, 22 से 30 अक्टूबर तक देशभर में होंगे विशेष कार्यक्रम
नई दिल्ली। देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और नागरिकों की रक्षा में पुलिस बलों के योगदान को सम्मान देने के लिए अक्टूबर में कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद 22 से 30 अक्टूबर 2026 तक राष्ट्रीय पुलिस स्मारक, नई दिल्ली में विभिन्न स्मृति कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन आयोजनों का उद्देश्य पुलिस जवानों के बलिदान, वीरता और जनसेवा को याद करना है।
राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर शहीदों के सम्मान में आयोजन
राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर आयोजित कार्यक्रमों में शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को आमंत्रित कर सम्मानित करना, पुलिस बैंड की प्रस्तुतियां, शहीदों की स्मृति में दौड़ और रक्तदान शिविर जैसी गतिविधियां शामिल हैं। बच्चों के लिए देशभक्ति से जुड़ी निबंध लेखन और चित्रकला प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों की ओर से इन कार्यक्रमों के माध्यम से जवानों के त्याग और सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

21 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस?
पुलिस स्मृति दिवस का इतिहास वर्ष 1959 की एक दुखद घटना से जुड़ा है। 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले में पुलिस के 10 जवानों ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। उन्हीं वीर जवानों और कर्तव्य निभाते हुए शहीद होने वाले सभी पुलिसकर्मियों की स्मृति में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। इस दिन देशभर में पुलिस बलों के बलिदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

नशे के खिलाफ राष्ट्रव्यापी मोटरसाइकिल रैली
पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘फाइट अगेंस्ट ड्रग्स’ यानी नशे के खिलाफ संदेश देने वाली राष्ट्रव्यापी मोटरसाइकिल रैली को रवाना किया। इस अभियान में विभिन्न राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और केंद्रीय पुलिस बलों के मोटरसाइकिल सवार शामिल हैं। रैली में भाग लेने वाले जवानों का लक्ष्य 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर में आयोजित होने वाली एकता परेड में शामिल होना है। इस पहल के जरिए नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने और नशामुक्त भारत के संदेश को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री ने पुलिसकर्मियों के योगदान को सराहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलिस स्मृति दिवस पर कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी और पुलिसकर्मियों की निष्ठा, साहस तथा समर्पण के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध से मुकाबला करने, आपात स्थितियों में सहायता पहुंचाने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पुलिस की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। गृह मंत्री अमित शाह ने भी शहीद पुलिसकर्मियों को नमन करते हुए देश की आंतरिक सुरक्षा में पुलिस बलों के योगदान को रेखांकित किया।

पुलिस और समाज के बीच विश्वास मजबूत करने की पहल
पुलिस स्मृति दिवस से जुड़े कार्यक्रम केवल शहीदों को याद करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका उद्देश्य पुलिस और समाज के बीच संबंधों को मजबूत करना भी है। रक्तदान शिविर, बच्चों की प्रतियोगिताएं और जनजागरूकता अभियान नागरिकों को पुलिस की सेवाओं से जोड़ने का माध्यम बनते हैं। देशभर में आयोजित होने वाली ऐसी गतिविधियां पुलिसकर्मियों के समर्पण, साहस और जिम्मेदारी को सामने लाती हैं।
पुलिस बलों के जवान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य करते हैं। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित ये कार्यक्रम उनके सर्वोच्च बलिदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने और आने वाली पीढ़ियों को देशसेवा के लिए प्रेरित करने का अवसर प्रदान करते हैं।
