नशामुक्ति अभियान से खेल प्रतियोगिता तक, 20 से 26 अक्टूबर के बीच पुलिस विभाग की प्रमुख गतिविधियां
नई दिल्ली। देश की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में 20 से 26 अक्टूबर 2026 के दौरान पुलिस विभाग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण गतिविधियां सामने आईं। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर नशे के खिलाफ राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान शुरू किया गया। वहीं, त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने, पुलिसकर्मियों की खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने से जुड़ी पहल भी चर्चा में रहीं।
नशे के खिलाफ राष्ट्रव्यापी मोटरसाइकिल रैली शुरू
21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक से ‘नशे के खिलाफ लड़ाई’ विषय पर देशव्यापी मोटरसाइकिल रैली को रवाना किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रैली को हरी झंडी दिखाई। इसमें विभिन्न राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बाइक सवार शामिल हुए।
इस अभियान का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और नशामुक्त भारत के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। रैली में शामिल पुलिसकर्मियों को 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर में आयोजित एकता परेड में पहुंचना है। पुलिस स्मृति दिवस के दौरान शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देने के साथ देश की सुरक्षा में उनके योगदान को भी याद किया गया।
त्योहारों के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर जोर
त्योहारों के दौरान शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए पुलिस बलों ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारियां निभाईं। भीड़भाड़ वाले इलाकों, प्रमुख बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की तैनाती महत्वपूर्ण रही। बिहार के जहानाबाद में दुर्गा पूजा की ड्यूटी पूरी होने के बाद बाहरी बलों की समीक्षा बैठक आयोजित किए जाने और उनके सहयोग तथा अनुशासन की सराहना किए जाने की जानकारी भी सामने आई।
ऐसे आयोजनों के बाद समीक्षा करने से ड्यूटी के दौरान सामने आई चुनौतियों को समझने और भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद मिलती है। त्योहारों के दौरान पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने से भी जुड़ी होती है।
रांची में 15वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता
झारखंड की राजधानी रांची के खेलगांव स्थित बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम में 22 से 26 अक्टूबर तक 15वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता 2026-27 आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा संगठनों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।
राष्ट्रीय स्तर की इस खेल प्रतियोगिता का उद्देश्य पुलिसकर्मियों की खेल प्रतिभा को मंच देना और शारीरिक दक्षता, अनुशासन तथा खेल भावना को प्रोत्साहित करना है। पुलिसकर्मियों के लिए खेल गतिविधियां शारीरिक क्षमता के विकास के साथ टीम भावना और आपसी तालमेल को मजबूत करने का अवसर भी प्रदान करती हैं।
झारखंड में पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य सहायता कोष पर चर्चा
इस सप्ताह झारखंड में पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य कल्याण कोष के अंतर्गत गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए सहायता राशि बढ़ाए जाने की खबर भी सामने आई। उपलब्ध विवरण में किडनी और लिवर प्रत्यारोपण जैसे महंगे उपचारों के लिए अधिकतम सात लाख रुपये तक की सहायता का उल्लेख किया गया है।
ऐसी सहायता योजनाओं का उद्देश्य पुलिसकर्मियों और संबंधित कर्मचारियों को गंभीर बीमारी के दौरान आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है। हालांकि, सहायता राशि में बदलाव, पात्रता की शर्तों और लागू होने की तारीख की पुष्टि संबंधित सरकारी आदेश से किया जाना आवश्यक है।
सतर्कता जागरूकता सप्ताह की शुरुआत
26 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक सतर्कता जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है। इस वर्ष इसकी थीम ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ रखी गई है। इसका उद्देश्य सरकारी संस्थानों में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देना है।
इस दौरान विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों में सत्यनिष्ठा की शपथ, जागरूकता कार्यक्रम और भ्रष्टाचार की रोकथाम से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। पुलिस और प्रशासनिक इकाइयों के लिए भी पारदर्शी कार्यप्रणाली और जिम्मेदार व्यवहार जनता का विश्वास मजबूत करने में महत्वपूर्ण हैं।
सुरक्षा, जनसेवा और जवाबदेही पर केंद्रित रहा सप्ताह
20 से 26 अक्टूबर के बीच सामने आई इन गतिविधियों में पुलिस की अलग-अलग भूमिकाएं दिखाई देती हैं। नशामुक्ति अभियान सामाजिक जागरूकता पर केंद्रित है, त्योहारों की ड्यूटी नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ी है और पुलिस खेल प्रतियोगिता जवानों की शारीरिक दक्षता को प्रोत्साहित करती है। वहीं, सतर्कता जागरूकता सप्ताह ईमानदारी और जवाबदेही के महत्व को रेखांकित करता है।
इन पहलों का प्रभावी क्रियान्वयन पुलिस और नागरिकों के बीच सहयोग बढ़ाने, कानून-व्यवस्था मजबूत करने और जनसेवा के प्रति विश्वास बनाए रखने में योगदान दे सकता है।
