अरुणाचल प्रदेश में एसएसबी का बड़ा अभियान, 170 एकड़ में फैली जंगली गांजे की खेती नष्ट

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अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग जिले में नशे के खिलाफ बड़ी संयुक्त कार्रवाई करते हुए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने करीब 170 एकड़ क्षेत्र में फैली जंगली गांजे की खेती को नष्ट कर दिया। यह अभियान 27 अक्टूबर 2026 को अपर आर/पाम गांव के पास कलाकटांग ब्लॉक में चलाया गया। इसमें एसएसबी, पुलिस, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), स्थानीय प्रशासन और समुदाय के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

एसएसबी की 61वीं वाहिनी, भैरबकुंडा के नेतृत्व में चलाए गए इस संयुक्त अभियान में विभिन्न सुरक्षा और प्रशासनिक इकाइयों के कुल 234 कर्मी शामिल हुए। इनके साथ 120 स्थानीय मजदूरों ने भी अभियान में सहयोग किया। संयुक्त टीम ने क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से उगी गांजे की फसल की पहचान कर उसे नष्ट करने की कार्रवाई की।

यह अभियान पश्चिम कामेंग जिले के दुर्गम क्षेत्र में चलाया गया, जहां लगभग 170 एकड़ में जंगली गांजे के पौधे फैले हुए थे। इतनी बड़ी भूमि पर फैली अवैध मादक पदार्थों की खेती को नष्ट करने के लिए विभिन्न एजेंसियों ने समन्वय के साथ काम किया। स्थानीय प्रशासन और समुदाय के प्रतिनिधियों की भागीदारी ने अभियान को पूरा करने में सहयोग दिया।

इस कार्रवाई में एसएसबी के साथ अरुणाचल प्रदेश पुलिस, एनसीबी और सीआरपीएफ की भागीदारी रही। विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और स्थानीय लोगों के सहयोग से नशे के अवैध उत्पादन के खिलाफ यह अभियान संचालित किया गया। कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में मादक पदार्थों की उपलब्धता और अवैध खेती पर रोक लगाने की दिशा में प्रयास करना रहा।

एसएसबी ने इस अभियान को नशामुक्त समाज के निर्माण और सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का हिस्सा बताया। सुरक्षा बल का कहना है कि नशीले पदार्थों के अवैध उत्पादन और कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई जारी रखी जाएगी।

करीब 170 एकड़ में फैली जंगली गांजे की खेती को नष्ट करने की यह कार्रवाई नशे के खिलाफ संयुक्त प्रयासों और स्थानीय समुदाय की भागीदारी का उदाहरण है। अभियान के जरिए सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि अवैध मादक पदार्थों की खेती और कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।

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