बिलासपुर में केंद्रीय मंत्री का काफिला रोका: जर्जर सड़कों के खिलाफ युवाओं का विरोध प्रदर्शन

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बिलासपुर, छत्तीसगढ़। प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने सड़कों की हालत को बद से बदतर कर दिया है। इसी मुद्दे को लेकर बिलासपुर जिले के तखतपुर नगर में शुक्रवार को स्थानीय युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा। जर्जर सड़कों से परेशान होकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के काफिले को रोक लिया और सड़क पर ही बैठकर विरोध जताया।

यह घटना उस समय हुई जब मंत्री तोखन साहू तखतपुर के एक कार्यक्रम से लौटकर मुंगेली जा रहे थे। जैसे ही उनका काफिला मनियारी नदी पुल के पास पहुंचा, पहले से मौजूद युवाओं ने रास्ता रोक लिया और “खराब सड़क नहीं चलेगी” तथा “नेताओं की लापरवाही बंद करो” जैसे नारे लगाते हुए धरने पर बैठ गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारी तब तक नहीं हटे जब तक मंत्री ने वैकल्पिक मार्ग से जाने का निर्णय नहीं ले लिया। इस दौरान काफिला लगभग 20 मिनट तक रुका रहा

प्रदर्शनकारियों का मुख्य आरोप था कि तखतपुर के बेलसरी मोड़ से लेकर बरेला तक की सड़कें लंबे समय से खराब हालत में हैं। सड़कों पर गहरे गड्ढे हैं जो बारिश में पानी से भर जाते हैं और दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभागों से शिकायत की है, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्य नहीं किया गया।

इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र के युवाओं ने आंदोलन की घोषणा कर दी है। उनका साफ कहना है कि जब तक सड़कों की मरम्मत शुरू नहीं होती, तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे। युवाओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे और बड़ा जनआंदोलन करेंगे।

इस सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन ने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, जमीनी स्तर पर काम होता हुआ देखना है। प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को जल्द ही सड़क मरम्मत शुरू कराने का आश्वासन दिया गया है, लेकिन अब जनता कथनी नहीं, करनी चाहती है।

सम्बंधित मुद्दे:

  • भारी बारिश के कारण गड्ढों में पानी भरने से बढ़ रही दुर्घटनाएं
  • लचर सड़क व्यवस्था से नाराज आमजन
  • जनप्रतिनिधियों के खिलाफ बढ़ता आक्रोश
  • सड़क आंदोलन को मिल रहा व्यापक समर्थन

अब देखना यह होगा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस विरोध को गंभीरता से लेते हैं या फिर यह आंदोलन और बड़ा रूप लेता है।

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