रायपुर में महिला से 2.83 करोड़ की डिजिटल ठगी, पुलिस ने यूपी से 5 आरोपी पकड़े
राजधानी रायपुर में एक महिला से डेढ़ महीने तक डिजिटल गिरफ्त में रखकर 2 करोड़ 83 लाख 65 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता सोनिया हंसपाल ने विधानसभा थाना में 12 जुलाई 2025 को मामला दर्ज कराया था। इसके बाद रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने कई राज्यों में छापेमारी कर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और लखनऊ से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में आकाश साहू, शेर बहादुर सिंह उर्फ मोनू, अनूप कुमार मिश्रा, नवीन मिश्रा और आनंद कुमार सिंह शामिल हैं।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी खुद को दिल्ली साइबर विंग का अधिकारी बताकर महिला को धमकाते रहे और उसके आधार कार्ड से कथित फर्जी बैंक खातों में मनी लॉन्ड्रिंग का पैसा ट्रांसफर होने की बात कहकर उसे डराते रहे। इसी मानसिक दबाव में महिला से 21 मई से 10 जुलाई 2025 के बीच कई बार में रकम ट्रांसफर करवाई गई। सभी ट्रांजेक्शन आरटीजीएस के माध्यम से किए गए। पुलिस ने अब तक 43 लाख रुपये बैंक में होल्ड करवा दिए हैं।
गिरफ्तार आरोपी अलग-अलग भूमिका निभा रहे थे। आकाश और शेर बहादुर सिंह फर्जी सिम की व्यवस्था करते थे और व्हाट्सएप वीडियो कॉलिंग से महिला को धमकाते थे। वहीं, अनूप, नवीन और आनंद मिलकर लगभग 40 फर्जी कंपनियों का संचालन कर रहे थे, जिनमें “नारायणी इंफ्रा डेवलपर प्रा. लि.”, “श्री गणेश डेवलपर्स”, “अर्बन आगे इंफ्रा”, “पावन धरा इंफ्रा” जैसी फर्म शामिल थीं। इन कंपनियों के नाम पर बैंक में खाता खोलकर महिला से ठगे गए पैसों को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया जाता था।
इस मामले में एक अन्य आरोपी प्रदीप सिंह पहले से बलिया जेल में बंद है, जिसे प्रोडक्शन वारंट पर रायपुर लाकर पूछताछ की जाएगी। रायपुर पुलिस ने जनता को आगाह किया है कि वे किसी भी अनजान कॉल या धमकी में आकर अपनी व्यक्तिगत जानकारी या पैसे साझा न करें और ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
